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Thursday, 15 January, 2026
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गलवान संघर्ष के एक साल बाद, भारत इंतजार करे और देखे पर अपनी बंदूकें ताने रहने की जरूरत

इस बात की कोई संभावना नहीं है कि बीजिंग एक तय बिंदु से पीछे हटेगा और न ही नई दिल्ली ऐसा करने को तैयार होगा.

जितिन प्रसाद के BJP में जाने पर क्या सोचते हैं उनकी कंस्टीट्यूएंसी के लोग, सर्वे के चौंकाने वाले नतीजे

पूर्व कांग्रेस सांसद जितिन प्रसाद के चुनाव क्षेत्रों में कराए गए, प्रश्नम सर्वेक्षण से पता चलता है, कि उनके बीजेपी में जाने पर राष्ट्रीय मीडिया में हुआ प्रचार निरर्थक ही था.

विपक्ष कमजोर हो गया, मोदी सरकार अब रिटायर्ड सुरक्षा अधिकारियों की विशेषज्ञता से खतरा महसूस कर रही

‘पेंशन उसी को जिसका आचार-व्यवहार भविष्य में ठीक रहे’, इस तरह के नियम की जितनी निंदा की जाए वह कम है और इसे अदालत में चुनौती दी जाए

परिवर्तनकारी ऐतिहासिक फैसलों के कारण हमेशा याद किए जाएंगे लालू प्रसाद यादव

लालू प्रसाद यादव अपने परिवर्तनकारी ऐतिहासिक निर्णयों की वजह से खुदरंग राजनेता के रूप में इतिहास में दर्ज़ किये जाएंगे.

रहस्यमय मोदी से लेकर प्रवासी जितिन प्रसाद तक – समाचार चैनल पर ही मिलता है मनोरंजन का ‘असली’ मसाला

जब आप प्राइम टाइम टीवी न्यूज़ चैनल पर हीं 'मेहुल चोकसी की 'एंटिक्स इन एंटीगुआ एंड डोमिनिका' जैसा थ्रिलर देख सकते हैं तो भला कोई 'सीआईडी' और 'क्राइम पेट्रोल' क्यों देखें?

एक नयी वैचारिक धुरी का निर्माण भारत की सबसे बड़ी चुनौती है: योगेंद्र यादव

देश की गाड़ी की पुरानी वैचारिक धुरी टूट चुकी है और पहिया गाड़ी से अलग हो चुका है. अब उस धुरी को ढूंढने की बजाय हमें भारत के स्वधर्म की पहचान और देसी आधुनिकता की समझ के आधार पर नयी वैचारिक मध्यभूमि बनानी होगी.

कोरोना से आई तबाही के लिए क्या मोदी सरकार की स्वास्थ्य नीति जिम्मेदार है

135 करोड़ भारतीयों की चिंता किए बगैर नरेंद्र मोदी वैक्सीन विदेश भेज रहे थे. मार्च में संक्रमण बढ़ रहा था लेकिन मोदी सरकार बंगाल सहित पांच राज्यों के चुनाव में व्यस्त थी.

‘चारपाई की चौपाल’- जमीन विवाद सुलझाने में कैसे मील का पत्थर बन सकती है राजस्थान के MLA की मुहिम

नागौर जिले के परबतसर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रामनिवास गावड़िया ने ज़मीनी विवादों का आपसी सहमति से निपटारा करने के लिए 'चारपाई की चौपाल' अभियान शुरू किया है.

एक भाषण और मुफ्त वैक्सीन के सहारे नरेंद्र मोदी फिर से भारत के मसीहा बनकर उभरे हैं

मोदी अपने मतदाताओं को यह विश्वास दिलाने में महारत रखते हैं कि वे ही उनके मसीहा हैं, भले ही उनके आलोचक उनकी खामियों को उजागर करने की क्षमता रखते हैं.

विनोद दुआ पर लगे राजद्रोह के आरोप के रद्द होने से उठा सवाल, क्या खत्म कर देनी चाहिए धारा 124ए

पिछले 20 साल में राजनीतिक विरोधियों और विचारकों का मुंह बंद करने के लिये कानून के इस प्रावधान का बहुत ज्यादा दुरुपयोग हुआ है.

मत-विमत

गिग वर्कर्स और 10 मिनट डिलीवरी विवाद से सबक—इस हलचल की जरूरत है

जैसे कुछ कंपनियां सिर्फ इसलिए गिग वर्कर्स का फायदा उठाती हैं क्योंकि वे ऐसा कर सकती हैं, वैसे ही कंज्यूमर्स भी उन्हें बेवजह दौड़ाते हैं, सिर्फ इसलिए क्योंकि हम ऐसा कर सकते हैं.

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राजनीति

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कलकत्ता उच्च न्यायालय में भीड़ के उमड़ने पर शीर्ष अदालत ने कहा, ‘जैसे कि यह जंतर-मंतर हो’

नयी दिल्ली, 15 जनवरी (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय में नौ जनवरी को अनियंत्रित भीड़ के कारण हुई अव्यवस्था और हंगामे पर उच्चतम न्यायालय...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.