वित्त वर्ष’22 की पहली तिमाही में 20.1 फीसदी ग्रोथ मुख्यतः ‘बेस इफेक्ट’ के कारण रही. लेकिन मजबूत वृद्धि के लिए विनिवेश तथा बैंक निजीकरण जैसे संरचानात्मक सुधार जरूरी हैं.
शब्द तो खैर निंदा के योग्य थे ही, इससे भी ज्यादा चुभने वाली बल्कि कह लें अश्लीलता की हद को पहुंचती बात थी- एसडीएम की भाव-भंगिमा. इससे पता चलता है कि राजनेताओं और उनके चहेते नौकरशाहों के बीच गजब की सांठगांठ चलती है.
चुनावी सभाओं या लालकिले से भाषण से इतर भी लोगों से संवाद करके मोदी ने प्रधानमंत्री की ‘अलग-थलग’ वाली छवि को ध्वस्त करके उसे अलग ही आयाम प्रदान किया है.
विडंबना यह है कि कांग्रेस-मुक्त उत्तर-पूर्व में पैर फैलाने की ममता बनर्जी की कोशिश में चुनाव रणनीतिज्ञ प्रशांत किशोर मदद कर रहे हैं, जो राहुल गांधी के मित्र हैं.
विहिप की स्थापना की पृष्ठभूमि और 1980 के दशक तक के उसके कामकाज को देखें तो पता चलता है कि भारतीय राजनीति में जिस सोशल इंजीनियरिंग की बात मंडल आयोग लागू होने के उपरांत 1990 के दशक में आरंभ हुई.
भारतीय नौसेना हमेशा से भारत की राजनीतिक सीमाओं से परे, राष्ट्रीय कूटनीतिक और अन्य संपर्क प्रयासों को समर्थन देने में सबसे आगे रही है. अब आगे बढ़कर ज़िम्मेदारी उठाने का समय आ गया है.