scorecardresearch
Saturday, 21 March, 2026
होममत-विमत

मत-विमत

भारत की GDP और वित्तीय स्थिति पटरी पर लौट रही है लेकिन भरोसा बनाए रखने के लिए आर्थिक सुधार जरूरी हैं

वित्त वर्ष’22 की पहली तिमाही में 20.1 फीसदी ग्रोथ मुख्यतः ‘बेस इफेक्ट’ के कारण रही. लेकिन मजबूत वृद्धि के लिए विनिवेश तथा बैंक निजीकरण जैसे संरचानात्मक सुधार जरूरी हैं.

सरकार की कश्मीर नीति तय करेगी कि भारत में तालिबानी कट्टरपंथी इस्लाम किस हद तक फैलेगा

भारत को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पाकिस्तान और चीन की ओर से नये सिरे से दोहरी मोर्चाबंदी का सामना करने के लिए तैयार हो जाना चाहिए.

चमोली, केदारनाथ जैसी आपदा हो या चीन से निपटने की तैयारी, राष्ट्रहित में हिमालय को कसकर बांधा जाए

सरकार समझ ही नहीं पा रही कि हिमालय हमारा रखवाला है उसे समझ कर दुश्मन का सामना किया जा सकता है ना कि उसे बांध कर.

आयुष सिन्हा का क्या दोष है? इसकी जड़ें नेताओं और नौकरशाहों के बीच सांठगांठ में है

शब्द तो खैर निंदा के योग्य थे ही, इससे भी ज्यादा चुभने वाली बल्कि कह लें अश्लीलता की हद को पहुंचती बात थी- एसडीएम की भाव-भंगिमा. इससे पता चलता है कि राजनेताओं और उनके चहेते नौकरशाहों के बीच गजब की सांठगांठ चलती है.

ओलंपिक गोल्ड विजेता नीरज और पैरालंपिक पदक विजेताओं को फोन करना मोदी के लिए सियासी मैदान में गोल्ड मेडल जीतने जैसा ही है

चुनावी सभाओं या लालकिले से भाषण से इतर भी लोगों से संवाद करके मोदी ने प्रधानमंत्री की ‘अलग-थलग’ वाली छवि को ध्वस्त करके उसे अलग ही आयाम प्रदान किया है.

US से NDA और सेना सीख सकती है कि फिटनेस को नजरअंदाज किए बिना मानकों को कैसे बदला जाए

सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं के लिए एक नई राह खोली है. अब सैन्य नेतृत्व को लैंगिक न्याय और सेवा की अनिवार्यताओं का समर्थन करना चाहिए.

सोनिया गांधी और ममता बनर्जी की दोस्ती क्या आपसी हितों के टकराव की चुनौती का हल निकाल पाएगी

विडंबना यह है कि कांग्रेस-मुक्त उत्तर-पूर्व में पैर फैलाने की ममता बनर्जी की कोशिश में चुनाव रणनीतिज्ञ प्रशांत किशोर मदद कर रहे हैं, जो राहुल गांधी के मित्र हैं.

राम मंदिर तक ही सीमित नहीं है VHP, सामाजिक समरसता इसके काम का मूल आधार

विहिप की स्थापना की पृष्ठभूमि और 1980 के दशक तक के उसके कामकाज को देखें तो पता चलता है कि भारतीय राजनीति में जिस सोशल इंजीनियरिंग की बात मंडल आयोग लागू होने के उपरांत 1990 के दशक में आरंभ हुई.

मोदी सरकार की 6 ट्रिलियन रु. की मौद्रीकरण योजना खतरों के बीच ख्वाब देखने जैसा क्यों है

पिछली भयानक गलतियों, अधूरे लक्ष्यों, कमजोरियों, और कलंकित पूंजी के स्पष्ट प्रभाव के मद्देनजर देश को एक और घपला ही हाथ लग सकता है.

अफगानिस्तान में गलत घोड़े पर दांव लगाने के बाद भारत की रणनीतिक पहल ठंडी पड़ी

अफगानिस्तान में भारत की पहल रणनीतिक विकल्पों के अभाव से ज्यादा कट्टरपंथी तालिबान और उसके गुरु पाकिस्तान की जीत से पैदा हुई खीज़ से उपजी है.

मत-विमत

ईरान युद्ध भारत के लिए दिशा सुधारने का संकेत है, नौसेना को आगे आना चाहिए

भारतीय नौसेना हमेशा से भारत की राजनीतिक सीमाओं से परे, राष्ट्रीय कूटनीतिक और अन्य संपर्क प्रयासों को समर्थन देने में सबसे आगे रही है. अब आगे बढ़कर ज़िम्मेदारी उठाने का समय आ गया है.

वीडियो

राजनीति

देश

उत्तम नगर में भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच मुस्लिमों ने ईद की नमाज अदा की

नयी दिल्ली, 21 मार्च (भाषा) दिल्ली के उत्तम नगर में झड़प में एक व्यक्ति की मौत के बाद व्याप्त तनाव के बीच शनिवार को...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.