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Sunday, 22 March, 2026
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50 साल पहले IAF की उस ‘बाउंस’ पार्टी में शरीक न होता, तो इंडियन आर्मी को अपनी सेवाएं नहीं दे पाता

उस रात भारतीय वायुसेना के ‘स्पिरिट’ में न बहा होता तो आज मैं आपको यह कहानी सुनाने के लिए मौजूद न होता.

तेजी और मंदी शेयर बाजार का चरित्र है, क्या ये फिर गिरेगा

शेयर बाजार का इतिहास गवाह है कि जब यह बुरी तरह गिरता है तो उस समय ही बाद में आने वाली तेजी की नींव भी रखी जाती है.

खरीफ की अधिक खरीद की वजह सिर्फ पंजाब नहीं, तेलंगाना के आंकड़ों पर तो नजर डालिए

भारत में पैदा हुआ लगभग आधा (49.12 प्रतिशत) चावल, सरकारी एजेंसियों ने ख़रीद लिया. देश में किसी भी फसल का आधा उत्पादन सरकार द्वारा ख़रीद लिया जाना, इस बात को दर्शाता है कि मुक्त बाज़ार निष्क्रिय पड़ा हुआ है.

क्या PIL वाकई एक उद्योग की शक्ल ले चुकी है या नौकरशाही और सरकार इससे असहज महसूस कर रही

केंद्र सरकार ने जनहित याचिका दायर करने वाले कुछ संगठनों पर समानांतर सरकार चलाने के प्रयास और कुछ लोगों द्वारा इस प्रक्रिया को पेशा बनाने के आरोप लगाए हैं.

दुविधा में G-22: कांग्रेस में रहकर टमाटर के हमले झेले या ममता की TMC का रुख करें

जी-22 के सदस्यों की फिलहाल जो हालत है वह फिल्मी खलनायक अजित के मशहूर डायलॉग ‘लिक्विड इसको जीने नहीं देगा, और ऑक्सीज़न इसको मरने नहीं देगा’ वाली है, गांधी परिवार उन्हें कांग्रेस में रहने नहीं देगा और उनकी वफादारी तथा वैचारिक निष्ठा उन्हें पार्टी छोड़ने नहीं देगी.

‘अभियान किताब दान’ की अब तक की यात्रा उम्मीद जगाने वाली, लोगों के सहयोग से पूर्णिया में कैसे खड़ा हुआ जनांदोलन

बिहार के पूर्णिया जिले के आईएएस राहुल कुमार ने अभियान किताब दान की अनोखी पहल शुरू की है. इस पहल ने एक क्रांति को जन्म दिया है. दो साल से भी कम समय में इस अभियान के तहत 1 लाख 30 हजार से अधिक पुस्तकें मिल चुकी हैं.

पंजाब में चन्नी से UP में गोंड तक- अंग्रेजी की एक नर्सरी राइम इनके उत्थान को सही ढंग से समझाती है

कांग्रेस और भाजपा इस समय भारत के दलित समुदायों को कोई न कोई राजनीतिक पद देकर उनके जरिये अपनी शोभा बढ़ा रहे हैं. लेकिन क्या उन कुर्सियों को कोई शक्ति मिली हुई है?

मोदी, योगी, अमरिंदर—आर्थिक मोर्चों पर कमजोर रहे नेता वोटर्स के बीच क्यों लोकप्रिय हैं

राष्ट्रीय और राज्य के चुनाव दोनों में ऐसे उदाहरण मिल जाएंगे जब आर्थिक मोर्चे पर कमजोर प्रदर्शन करने वाले सत्ता में लौटे, और वहीं पार्टियों को अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद हार का मुंह देखना पड़ा.

खुद को छिन्न-भिन्न करने में लीन विपक्ष, मोदी को अजेय कर रहा, पर 2022 में यूपी ला सकता है ट्विस्ट

अगर भाजपा यूपी में नहीं जीतती है, या फिर मामूली अंतर से ही जीतती है, तो 2024 के लिए चुनावी मूड एकदम अलग होगा. पंजाब में कांग्रेस की वापसी, बीएमसी पर शिवसेना और सहयोगी दलों का कब्जा बरकरार रहना भी मोदी की राह और कठिन कर सकता है.

‘महात्मा’ को यूरोपियन शिष्टाचार का पाठ पढ़ाने वाले वो दोस्त जो सुर्खियां नहीं बटोर पाए

1909 में लंदन में डॉ. मेहता और गांधी के बीच हुई एक बैठक ने गुजराती में गांधी की पहली किताब हिंद स्वराज के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

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कांग्रेस ने बिहार दिवस की शुभकामनाएं दीं, राहुल ने राज्य को ज्ञान-पुंज बताया

नयी दिल्ली, 22 मार्च (भाषा) कांग्रेस ने रविवार को बिहार दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई दी और राहुल गांधी ने इस राज्य...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.