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Tuesday, 6 January, 2026
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मत-विमत

भारत में जलवायु संकट को ‘नॉर्मल’ मान लिया गया है, लेकिन कीमत देश के गरीब चुका रहे हैं

यह मान लेना कि अब चीज़ें ऐसी ही होंगी, चिंता की बात है. तापमान बढ़ेगा, पानी खत्म होगा, हवा दम घोंटने लगेगी और हम बस खुद को ढाल लेंगे.

अरावली को लेकर आर्थिक दिशा बदलने की ज़रूरत, खनन रोकें, इको-टूरिज़्म में निवेश बढ़ाएं

अगर हम सिर्फ यह सोचकर खुश हो जाएं कि सरकार को पीछे हटना पड़ा, तो हम एक खबर तो जीत लेंगे, लेकिन ज़मीन और पहाड़ खो देंगे.

अरावली ज़ोनिंग योजना को ताकतवर लोग आसानी से मोड़ सकते हैं, सरकार को डेटा पब्लिक करना चाहिए

शब्दों की ‘तकनीकी’ पुनर्परिभाषा एक खामी बन सकती है. निचली पहाड़ियां और उन्हें जोड़ने वाली संरचनाएं—जो अक्सर पारिस्थितिकी के लिहाज़ से बेहद अहम होती हैं, उनको गैरज़रूरी मानकर नज़रअंदाज किए जाने का खतरा है.

किसान आंदोलन और चुनावी राजनीति: चरण सिंह की लोक दल से क्या सबक

किसानों के आंदोलन की सफलता के बाद, 14 यूनियनें 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए संयुक्त समाज मोर्चा के तहत एक साथ आईं. हालांकि, वह एक भी सीट जीतने में नाकाम रहीं.

चरण सिंह ने सामूहिक खेती के सोवियत मॉडल की नाकामियों का खुलासा करके भारतीय कृषि को बचाया

‘संयुक्त खेती का एक्सरे...’ किताब में चरण सिंह ने ‘एफएओ’, ‘यूएसडीए’ और स्वतंत्र अखबारों से हासिल तथ्यों के साथ सिद्ध किया कि सामूहिक खेती हर जगह विफल रही थी.

अमेरिका में एप्स्टीन फाइल्स और एलीट के खिलाफ नाराज़गी

सभी शैक्षणिक संस्थानों में, हार्वर्ड—जो दुनिया का सबसे अमीर और शायद सबसे ताकतवर शैक्षणिक संस्थान है—वह जगह है जहां एपस्टीन के संबंध सबसे ज्यादा फलते-फूलते दिखते हैं.

भारत में इंसाफ का नया चेहरा: सेंगर, आसाराम, अखलाक के हत्यारों के लिए अलग कानून

ताकतवर लोगों या किसी खास विचारधारा की सेवा करने वालों के लिए नया नियम यह है: तो क्या हुआ अगर आप दोषी पाए गए और जेल भेजे गए? हम आपको तुरंत बाहर निकलवा लेंगे.

बोंडी बीच की गोलीबारी से लेकर बांग्लादेश लिंचिंग—असली वजह की फिर अनदेखी होगी

धर्म के नाम पर आतंक फैलाने वाले लोगों के खिलाफ आज शायद नैतिक ‘जिहाद’ की जरूरत आ पड़ी है.

आखिर, 2025 में मोदी के ‘अच्छे दिन’ का सपना क्यों टूट गया: पांच वजहें

मोदी सरकार की तथाकथित 'मजबूत छवि' को धक्का लगा है. भारत की विदेश नीति अस्त-व्यस्त है. और बीजेपी की चुनावी जीत की चमक भी फीकी पड़ गई है.

नड्डा के बाद नितिन नबीन ही क्यों? PM मोदी के फैसले के पीछे कई दलीलें, मगर असली कारण एक

धर्मेंद्र प्रधान से लेकर भूपेंद्र यादव और शिवराज सिंह चौहान तक, जब पार्टी के टॉप पद के लिए किसी ऑर्गनाइज़ेशनल व्यक्ति को चुनने की बात आई, तो पीएम नरेंद्र मोदी के पास कई विकल्प थे.

मत-विमत

BCCI ने बांग्लादेश को लेकर भारत के रवैये को नुकसान पहुंचाया

BCCI के फैसले ने हिंदू राइट के कट्टरपंथी गुट को नई जान दे दी है. अब उनमें इतना आत्मविश्वास आ गया है कि वे अपने सांप्रदायिक अभियानों के हिसाब से पॉलिसी में बदलाव करवा सकें.

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राजनीति

देश

वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान: इंडिया रेटिंग्स

नयी दिल्ली, छह जनवरी (भाषा) साख निर्धारित करने वाली इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने आगामी वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.