scorecardresearch
Wednesday, 25 March, 2026
होममत-विमत

मत-विमत

क्या फसल बीमा से भारतीय किसानों को मदद मिली है? अधिकांश को समय पर भुगतान भी नहीं मिलता

फसल बीमा को कम अपनाये जाने के कई कारण हैं, जिनमें पहला कारण 'फसल बीमा के बारे में जानकारी नहीं होना' और 'रुचि नहीं होना' शामिल हैं.

भारतीयों ने सरदार पटेल को बस 1947 के एकीकरण तक सीमित कर दिया है, वो और भी बहुत कुछ थे

1937 के प्रांतीय चुनावों तक पटेल कांग्रेस में एक बड़ी ताक़त बन चुके थे. वो पार्टी फंड्स एकत्र करते थे, उम्मीदवारों का चयन कर थे और नेहरू की अपील के पीछे एक ठोस पार्टी मशीन साबित हुए.

शी के चीन में आर्थिक रिपोर्टिंग पर गिरी गाज, कैक्सिन ने खोया स्टेटस, निवेशकों की पसंद बनी अलीबाबा

चीन की सरकार ने वीचैट, वाइबो, दौयिन, कुएशाऔ सरीखे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को निर्देश दिया है कि वे ‘वित्तीय खबरों को अवैध रूप से जारी करने’ पर रोक लगाएं.

संवत 2078 में शेयर बाज़ार के लिए आपके पास पैनी नज़र और जोखिम उठाने की भूख क्यों होनी चाहिए

संभावना यही है कि नये संवत में शेयर बाज़ार या तो खुद को संशोधित करेगा या कम-से-कम पिछले वर्ष की ज़्यादतियों को पचाने की कोशिश करेगा.

बॉडी आर्मर होते तो इतने भारतीय जवानों को न गंवानी पड़ती जान, सेना को इसकी बहुत जरूरत है

अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरण 1990 के बाद से जम्मू-कश्मीर में शहीद जवानों में से 70% को बचा सकते थे. पीपीई के बड़े पैमाने पर उत्पादन की तात्कालिक जरूरत को इससे बेहतर ढंग से और किसी भी तरह नहीं बताया जा सकता है.

आर्यन -वानखेड़े प्रकरण के बाद IPS-IRS-IAS खुद से सवाल पूछें कि अपनी शपथ को लेकर वो कितने ईमानदार हैं

यह मामला ऑल इंडिया और क्लास वन सेवा के कुछ अफसरों में नाम कमाने या ‘स्टार’ बनने के जुनून की ही एक मिसाल है, जबकि कई ऐसे अफसर भी हैं जो गुमनाम रहते हुए पूरी ईमानदारी से काम कर रहे हैं.

इतिहास की गलती का शिकार हैं समीर वानखेड़े, मुसलमानों और ईसाइयों में भी है जाति और छुआछूत

किसी का शिड्यूल्ड कास्ट का दर्जा सिर्फ इसलिए छीन लेना कि उसने अपना धर्म बदल लिया है, दरअसल उस व्यक्ति की धर्म बदलने की संवैधानिक स्वतंत्रता का निषेध है.

भारत कश्मीर में चूक गया लेकिन LAC पर वो ऐसी गलती सहन नहीं कर सकता

जो लोग कश्मीर और भारत-चीन दोनों के घटनाक्रमों पर नज़दीकी से नज़र रखे हैं, उनके लिए दोनों परिणाम कोई आश्चर्य नहीं हैं.

सच्चिदानंद सिन्हा का काम याद दिलाता है कि भारतीय गणतंत्र है क्या, हमें इसे सजोने की जरूरत है

सच्चिदा जी ने समाजवाद का जो संस्करण तैयार किया है उसमें विकेंद्रित लोकतंत्र, परिवेश के अनुकूल प्रौद्योगिकी, गैर-उपभोक्तावादी जीवन-शैली, पर्यावरणीय टिकाऊपन और पूंजी के ऊपर श्रम बल की प्रधानता के लिए जगह है.

‘यह दुनिया आर्यन खान के साथ ज्यादती कर रही है’? क्या कह रहा है ‘दक्षिण मुंबई’ का एलीट क्लास!

मेरा अपना अनुमान है कि इस सब के बाद आर्यन खान एक मजबूत आदमी के रूप में बाहर निकलेंगे. किंग खान भी अपना ताज - और अपने बेशुमार विज्ञापन - बरकरार रखेंगे. इस दीपावली पर भी दीये 'मन्नत' को रोशन कर रहे होंगे.

मत-विमत

वीडियो

राजनीति

देश

हिमाचल प्रदेश में बारिश का अनुमान

शिमला, 24 मार्च (भाषा) हिमाचल प्रदेश में बारिश और गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने का अनुमान है क्योंकि 26 मार्च से लगातार दो...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.