राष्ट्रीय और राज्य के चुनाव दोनों में ऐसे उदाहरण मिल जाएंगे जब आर्थिक मोर्चे पर कमजोर प्रदर्शन करने वाले सत्ता में लौटे, और वहीं पार्टियों को अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद हार का मुंह देखना पड़ा.
अगर भाजपा यूपी में नहीं जीतती है, या फिर मामूली अंतर से ही जीतती है, तो 2024 के लिए चुनावी मूड एकदम अलग होगा. पंजाब में कांग्रेस की वापसी, बीएमसी पर शिवसेना और सहयोगी दलों का कब्जा बरकरार रहना भी मोदी की राह और कठिन कर सकता है.
गांधी 2 अक्टूबर, 1947 को, जो देश की आजादी के बाद यह उनका पहला जन्मदिन था. न चाहते हुए भी अपने जन्मदिन पर तमाम लोगों से शुभकामनाओं को स्वीकार कर रहे थे. वे उस दिन बेहद निराश-हताश थे.
जब तक जनगणना का मामला संविधान के तहत केंद्र की लिस्ट में है, तब तक राज्य सरकारें जनगणना नहीं करा सकतीं. राज्य सरकारें सिर्फ सर्वे करा सकती हैं, जिनको कोई कानूनी संरक्षण प्राप्त नहीं होगा.
समेकित युद्धक समूहों ने सेना को अपना आकार संतुलिन रखने में मदद की है और उसे अधिक कुशल बनाया है लेकिन अब सुधारों को लागू करके अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने का समय आ गया है.
नरेन्द्र मोदी सरकार ने जाति आधारित जनगणना नहीं कराने को एक नीतिगत निर्णय बताते हुए अपनी ओर से ऐसे किसी विचार पर विराम लगा दिया है. लेकिन कई राजनीतिक दल इसे आगामी विधानसभा चुनाव में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना रहे हैं.
अपनी आज़ादी के 75वें वर्ष में भारत को शायद खुद पर एक एहसान करना चाहिए और मरने के करीब पहुंच चुके इस समूह में फिर से जान फूंकने के लिए कुछ नए मौलिक तरीके अपनाने चाहिए.
एंटरप्रेन्योरशिप को एक वैध करियर विकल्प के रूप में सामान्य बनाने का श्रेय काफी हद तक उस पहचान और महत्व को जाता है जो नीतियों के जरिए स्टार्टअप्स को दिया गया है.