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Saturday, 17 January, 2026
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मत-विमत

भारत कश्मीर में चूक गया लेकिन LAC पर वो ऐसी गलती सहन नहीं कर सकता

जो लोग कश्मीर और भारत-चीन दोनों के घटनाक्रमों पर नज़दीकी से नज़र रखे हैं, उनके लिए दोनों परिणाम कोई आश्चर्य नहीं हैं.

सच्चिदानंद सिन्हा का काम याद दिलाता है कि भारतीय गणतंत्र है क्या, हमें इसे सजोने की जरूरत है

सच्चिदा जी ने समाजवाद का जो संस्करण तैयार किया है उसमें विकेंद्रित लोकतंत्र, परिवेश के अनुकूल प्रौद्योगिकी, गैर-उपभोक्तावादी जीवन-शैली, पर्यावरणीय टिकाऊपन और पूंजी के ऊपर श्रम बल की प्रधानता के लिए जगह है.

‘यह दुनिया आर्यन खान के साथ ज्यादती कर रही है’? क्या कह रहा है ‘दक्षिण मुंबई’ का एलीट क्लास!

मेरा अपना अनुमान है कि इस सब के बाद आर्यन खान एक मजबूत आदमी के रूप में बाहर निकलेंगे. किंग खान भी अपना ताज - और अपने बेशुमार विज्ञापन - बरकरार रखेंगे. इस दीपावली पर भी दीये 'मन्नत' को रोशन कर रहे होंगे.

गांधीवादी विचारक एसएन सुब्बाराव- ऐसा व्यक्तित्व जो हमेशा शांति के प्रयासों में लगा रहा

सुब्बाराव का जाना शांति की दिशा में अपने ढंग से प्रयासरत व्यक्तित्व का हमारे बीच से विदा होना है. उनसे जुड़ी अनेक स्मृतियां देशवासियों के मन को आलोकित करती रहेंगी.

फैब इंडिया और शमी के मामले दिखाते हैं कि भारत किस हद तक हिंदुत्व और नरम हिंदुत्व के बीच फंस गया है

मोहम्मद शमी या फैब इंडिया के लिए समर्थन की आवाज़ें इस हकीकत को दबा नहीं सकतीं कि आज भारत की हवा में जो जहर घुला हुआ दिख रहा है उसके लिए भाजपा के साथ-साथ विपक्षी दल भी जिम्मेदार हैं.

पाकिस्तान और बांग्लादेश से भारत की बढ़ती दूरी को कम करने में क्रिकेट मददगार हो सकता है

वक़्त आ गया है कि भारत खासकर पड़ोसी देशों के मामले में अपनी विदेश नीति में ‘पार्टी-पॉलिटिक्स’ के घालमेल के खिलाफ सख्त रुख अपनाए.

गणेश शंकर विद्यार्थी ने ‘प्रताप’ के जरिए कैसे प्रतिरोध की परंपरा स्थापित की

प्रताप की पत्रकारिता दृष्टि आदर्श थी. प्रताप ने पत्रकारिता का जो आदर्श गढ़ा वह सदियों तक पत्रकारिता को दिशा देता रहेगा.

दलों और उनके दिग्गजों के लिए इम्तहान साबित होंगे ये उपचुनाव, सभी को सुपर सैटरडे का इंतजार

ब्रह्मपुत्र घाटी से लेकर पश्चिमी हिमालय और विंध्य के दक्षिण तक राजनीतिक तनाव की लहर पैदा करने वाले इन उपचुनावों के नतीजे दलों के भावी राजनीतिक समीकरण पर निश्चित ही असर डालेंगे.

शाहरुख़ ख़ान कभी भारत थे और फिर भारत बदल गया

शाहरुख़ ने हमें बताया कि मंदिर, मार्केट और मंडल के तीन 'एम' से कैसे निपटें. ‘प्यार ही सब कुछ है.’ अपने, परिवार और देश के लिए प्यार.

सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की बांग्लादेश की कोशिशों से काफी कुछ सीख सकता है भारत

बांग्लादेश में सांप्रदायिक हिंसा हुई जरूर लेकिन सीखने की बात ये है कि बांग्लादेश ने एक स्वर में हिंसा की निंदा की और अमन बहाली की कोशिश की.

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पाकिस्तान से आज़ादी: भारत, आगे बढ़ो और उसे इतनी अहमियत देना बंद कीजिए

पाकिस्तान अधिकतर मामलों में भारत की बराबरी करे यह न केवल नामुमकिन है, बल्कि वह और पिछड़ता ही जाएगा. उसके नेता अपनी अवाम को अलग-अलग बोतल में सांप का तेल पेश करते रहेंगे.

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यतींद्र मिश्र जेएलएफ में 11वें महाकवि कन्हैया लाल सेठिया पुरस्कार से सम्मानित

जयपुर, 17 जनवरी (भाषा) कवि, संपादक और संगीत अध्येता यतींद्र मिश्र को यहां 19वें जयपुर साहित्य उत्सव (जेएलएफ) में 11वें महाकवि कन्हैया लाल सेठिया...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.