भाजपा के संगठन और सत्ता ढांचे में महिलाओं को बेहद कम प्रतिनिधित्व हासिल है, भले ही प्रधानमंत्री मोदी ‘उज्ज्वला’ और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे महिला-केंद्रित सरकारी कार्यक्रमों की दुहाई देते रहे हों. पिछले 41 वर्षों में इसके जो 41 अध्यक्ष बने उनमें एक भी महिला नेता नहीं थीं.
इस चुनाव में प्रभावी तरीके से जोर अजमाइश के लिए तथा ब्राह्मण मतदाताओं को साधने के लिए मायावती ने अभी तक यूपी के सभी जिलों में ‘प्रबुद्ध सम्मेलन’ कर चुकी हैं.
सानिया मिर्जा के लिए छह ग्रैंड स्लैम और 47 खिताब जीतने की राह आसान नहीं रही, भारतीय टेनिस को वैश्विक मुकाम पर पहुंचाने के सफर के दौरान उन्हें न केवल फतवे और लैंगिक भेदभाव का सामना करना पड़ा बल्कि उनकी देशभक्ति पर सवाल तक उठाए गए.
तमाम अनुभवों से हमें यही सीख मिलती है कि गोलमोल रवैया महंगा साबित होता है. इसलिए, करार पर दस्तखत करने से पहले पूरी तैयारी कर लीजिए, न कि उसके बाद कमर कसने लगिए.
मोदी राष्ट्रीय स्तर पर भले बेहद लोकप्रिय हों लेकिन अधिकतम राज्यों में चुनाव जीतने में उनकी अक्षमता,
राज्यों में उनके विरोधियों की भारी लोकप्रियता भारतीय राजनीति को एक शक्तिशाली संघीय ढांचे की ओर ले
जा रही है.
भारतीय सेना 1970 के दशक तक अपने यूनिटों को यह इजाजत देती थी कि वे अपने कुछ सैनिकों को फौजी ट्रेनिंग की जगह अपने खेलों पर ही ध्यान देने की छूट दें, लेकिन इसके बाद खेल प्रतियोगिताओं पर रोक लगाने की मांग बढ़ने लगी.
इटैलियन आर्कियोलॉजिस्ट लॉरा गिउलियानो की क्यूरेशन भारत, पाकिस्तान, चीन, अफगानिस्तान, ईरान और इटली के आपस में जुड़े इतिहास को एक साथ लाती है, ऐसे समय में जब इस ज्ञान को जानबूझकर भुलाया जा रहा है.