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Monday, 2 March, 2026
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पढ़ाई के लिए विदेश जाने वाले भारतीय छात्रों के लिए केवल जगह बदलती है, मूल समस्या नहीं

इस समय जब यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्र खुद को बचाने की गुहार लगा रहे हैं, भारत में तमाम लोग इस बहस में व्यस्त हैं कि पढ़ाई के लिए विदेश जाना उनकी प्राथमिकता क्यों है. आइये जानते हैं कि उनके लिए भारत पसंदीदा ‘जगह’ क्यों नहीं है.

भारत के भविष्य के लिए मार्क्सवाद प्रासंगिक है, बशर्ते अतीत की लाश न ढोए

आज का भारतीय युवा मार्क्सवाद को एक अजीब, अतिवादी और गुजरे वक्त की गयी-बीती विचारधारा मानकर चलता है लेकिन सवाल ये है कि इस विचारधारा में जो कुछ बेशकीमती है, उसे हम कैसे हासिल करें?

यूक्रेन में शहरों में होगा भीषण युद्ध, रूस का प्लान बी और सेना का सबसे बुरा नाईटमेयर

जब हमला शुरू हुआ, तब दोनों पक्ष अलग-अलग कारणों से हैरान हुए. रूस ने यूक्रेनी शहरों को कमजोर करना शुरू कर दिया है और उन पर किसी भी समय कब्जा कर सकता है.

रूसी हमले में मारे गए छात्र नवीन को भारत में क्यों नहीं मिला था एडमिशन

नवीन शेखरप्पा ज्ञानगोडार की खारकीव में हत्या कर दी गई थी. लेकिन जिस चीज ने उन्हें यूक्रेन जाने के लिए प्रेरित किया, वह NEET था लेकिन ये है पैसे और भारत में सीटों की कमी की कहानी.

क्या पुलिस कमिश्नरी प्रणाली को लागू करने से कानून व्यवस्था सुचारू रूप से चल पायेगी

2012, 2018 और 2019 में भोपाल और इंदौर में आयुक्त प्रणाली शुरू करने का प्रयास किया गया था, लेकिन आईएएस, एसडीएम और राजस्व अधिकारियों ने परामर्श के बिना अपनी शक्तियों को कम करने पर आपत्ति जताई थी.

यूक्रेन संकट में भारत के लिए छुपे हैं कई सबक, आगे की राह में सबसे महत्वपूर्ण है आत्मनिर्भरता

यूक्रेन युद्ध से यूरोप नींद से जागा और फौज तथा रक्षा मामलों में निवेश पर फोकस बढ़ाया

यूक्रेन से भारतीय छात्रों को निकालने का जिम्मा मोदी ने संभाला तो सुषमा स्वराज की कमी खलने लगी

मोदी को मालूम है कि यूक्रेन में फंसे छात्रों के वीडियो उनके और उनकी सरकार के बारे में लोगों की धारणा को किस कदर बदल सकती है इसलिए उन्होंने छात्रों को वहां से निकालने के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के प्रयासों को विस्तार देने की पहल की.

आईएएस मुख्य सचिव हैं बहुत ज्यादा लेकिन पद उतने नहीं, देश के राज्यों में है समस्या

हरियाणा में हाल में सात आइएएस अफसरों को मुख्य सचिव के बराबर टॉप स्केल पर प्रमोशन दिया गया और उनकी संख्या 20 पहुंच गई. यही पूरे देश में हो रहा है.

बीजेपी का सवर्ण तुष्टिकरण, सपा का ओबीसी-मुसलमान और बीएसपी का ब्राह्मण-दलित-मुसलमान पर दांव

टिकटों का बंटवारा ये बताता है कि सभी दलों ने ये काम पार्टी की विचारधारा, संगठन के ढांचे और राजनीतिक दृष्टि के मुताबिक ही किया गया है.

बीजेपी के यूपी चुनाव प्रचार में एक खाई थी. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसे भरा

बीजेपी का 2017 का यूपी चुनाव अभियान मोटे तौर पर तीन मुद्दों पर केंद्रित था, जिनमें से दो 2022 में भी बरकरार हैं. तीसरा अब तक गायब था.

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कच्चातीवू से रामेश्वरम तक 3,741 तीर्थयात्रियों को भारतीय तटरक्षक बल ने सुरक्षा प्रदान की

चेन्नई, दो मार्च (भाषा) भारतीय तटरक्षक बल ने तमिलनाडु और अन्य राज्यों से कच्चातीवू द्वीप स्थित सेंट एंटनी चर्च के वार्षिक दो दिवसीय उत्सव...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.