जरा उस गेंदबाजी की हुनर पर भी विचार करें जिसका सामना गावस्कर ने अपने करियर के दौरान किया. इनमें डेनिस लिली, इयान बॉथम, बॉब विलिस, रिचर्ड हेडली, इमरान खान जैसे नामों के आलावा वेस्टइंडीज की खूंखार चौकड़ी भी शामिल थी.
कोई एयरलाइन कमाई नहीं कर रही है, रेलवे यात्रियों की संख्या स्थिर है, सड़कों के मामले में भी राजस्व असंतुलन है, ऐसे में यह तो देखना ही पड़ेगा कि ट्रैफिक में हो रही वृद्धि के लिहाज से निवेश जायज है या नहीं.
जो लोग मानसिक बिमारियों का शिकार होते हैं उनका ध्यान रखने वालों पर इसका काफी असर पड़ता है. उनका अपना जीवन और मानसिक स्वास्थ इस प्रक्रिया में बहुत प्रभावित होता है.
किसी को अपने विचारों के लिए जेल में नहीं डाला जाना चाहिए, न उस पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए. खासकर उन विचारों के लिए जो केवल सोशल मीडिया पर जाहिर किए गए हों.
पहले की तरह बीजेपी हराओ का जोश पसमांदा में नहीं दिखाई दिया जिसका सीधा असर मतदान प्रतिशत पर पड़ा और बहुत कम मतदान हुआ. एक तो पसमांदा वोट डालने के लिए घरों से बाहर ही नहीं निकले और जो आए भी तो उनमें से बहुतों ने एसपी के विपक्ष में वोट दिया.
कांग्रेस ने राज्यसभा को हमेशा इलीट कलाकारों तक सीमित रखा. उनके लिए ये मान पाना मुश्किल था कि कोई दलित, पिछड़ा या आदिवासी भी कलाकार की श्रेणी में राज्यसभा में आ सकता है या लोककला को भी कला माना जाना चाहिए.
महेंद्र सिंह धोनी का ईमानदारी भरा आत्म-मूल्यांकन हमेशा भारतीय क्रिकेट के हितों को अपने स्वयं के लिए कोई 'विरासत' खड़ी करने की किसी भी इच्छा से आगे रखता है.
जो भी सच में सच्चाई जानना चाहता है, वह आसानी से उन कई घटनाओं को देख सकता है—कश्मीर से लेकर लखनऊ तक, जहां भारतीय मुसलमान आतंकवादी हमलों के खिलाफ सबसे आगे खड़े होकर आवाज़ उठाते रहे हैं.