कुछ और ऐसी चीजें भी हैं जो कलाम कतई नहीं थे, वह क्षुद्र मानसिकता वाले, निंदक, स्वार्थी, प्रतिशोधी, सिद्धांतहीन, अहंकारी नहीं थे. यही वजह है कि एक अरब से अधिक लोग दशकों से उन्हें अपने सबसे प्रिय नेता के तौर पर याद करते हैं.
गुजरात के निर्विवाद बादशाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने गढ़ पर जबरदस्त दबदबा रखते हैं; मगर अरविंद केजरीवाल ने उनके गढ़ में घुसपैठ करने की कोशिश करके उन्हें परेशान कर दिया है.
प्रधानमंत्री मोदी से अपनी चुनावी ताकत पाने वाली, और आज के चाणक्य माने जा रहे अमित शाह की सीधी देखरेख में चलने वाली भाजपा अब अव्यवस्था की शिकार हुई नज़र आ रही है
उत्तरी आयरलैंड में अमन-चैन की विभाजक रेखा ने दशकों तक कैथोलिक और प्रोटेस्टेंट को एक-दूसरे से अलग किए रखा, अब वे साथ लाए गए, साबित हुआ कि नफरत कभी भी स्थायी नहीं होती.
सवाल ये है कि ये लोग भारत और भारतीय पासपोर्ट को अलविदा क्यों कह रहे हैं. वह भी तब जबकि भारत अब एक स्थिर राष्ट्र के रूप में शक्ल ले चुका है, आजादी के 75 साल पूरे होने वाले हैं. अमृत काल का महोत्सव चल रहा है.
भविष्य पर नज़र डालने पर सवाल उठता है कि क्या पश्चिमी ताकतें उस देश को बचाना चाहती हैं जिसे अभी भी यूक्रेन कहा जाता है और क्या पश्चिम रूसी खतरे को हमेशा के लिए खत्म करना चाहता है.
धर्माधारित राज्य किसी के नहीं होते. न अपनों के और न बेगानों के. यही कारण है कि अब पाकिस्तान को अपने संस्थापक द्वारा एक गैरमुस्लिम शायर से लिखवाया गया कौमी तराना तक कुबूल नहीं.