महामारी के पहले साल में भारत का प्रदर्शन खराब रहा मगर वह इससे तेजी से उबरने वाले देशों में रहा लेकिन वैश्विक माहौल बहुत अनुकूल नहीं है इसलिए बहुत आशावादी होना भी ठीक नहीं.
आईएमएफ ने दुनिया की भावी आर्थिक दशा का जो अनुमान पेश किया है. उसने वैश्विक मंदी की आशंका को मजबूत कर दिया है जिसकी चिंता अमेरिका और विकसित देशों को करनी चाहिए. भारत में मंदी के आसार कम ही हैं.
बद्रीनाथ जाने वाले मार्ग पर अलकनंदा नदी के पूर्व में बसे इस गांव का नाम है नानि या छोटी काशी और इसी छोटी काशी का हिस्सा है हाट गांव. यहां मौजूद है आदि शंकराचार्य के समय का लक्ष्मीनारायण मंदिर.
शायद, जनता समझ चुकी है कि युक्तिसंगत जान पड़तीं नीतियां अपने सामान्य ढर्रे पर चलती रहें तो इन नीतियों से उसे बहुत कुछ हाथ नहीं लगने वाला. शायद, लोगों को पता है अभी और यहीं की टेक पर वह जितना हथिया सकें, बस उतना ही भर उसे मिल सकता है.
जब नेतागण लोगों की निजी स्वाधीनता का सम्मान न कर रहे हों और गिरफ्तारी के मनमाने आदेश दे रहे हों, तब यह उम्मीद करना बेकार ही है कि पुलिसवाले और अफसर लोग उनके नक्शेकदम पर नहीं चलेंगे.
नारैल के साहापाड़ा में हिंदुओं के घर और कारोबार जलाकर भीड़ ने दिए संकेत. इससे पता चलता है कि सांप्रदायिकता का मुकाबला करने में नाकाम रहने वाली राजनीति का हश्र क्या होता है.