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Wednesday, 11 March, 2026
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PFI पर पाबंदी काफी नहीं, सिमी पर बैन से इंडियन मुजाहिदीन बनने का उदाहरण है सामने

पीएफआई इस्लामवाद के जिस नफरती चेहरे को सामने लाता है, उससे साफ है कि गहराई से जड़ें जमाए राजनीतिक और सामाजिक समस्याओं ने कितना जटिल रूप ले लिया है. इससे निपटने के लिए सिर्फ पुलिसिया कार्रवाई ही नहीं, बल्कि राजनीतिक एक्शन की भी जरूरत है.

दशकों पहले लेस्टर में शुरू हो गया था सांप्रदायिक विभाजन, आप्रवासियों ने माहौल को और जहरीला बनाया

ईस्ट हैम और वाथम फॉरेस्ट निवासी पाकिस्तानी पंजाबी हैं, ल्यूटन में अधिकांश कश्मीरी मुस्लिम बसे है, वहीं साउथहॉल पंजाबी सिख और टॉवर हैमलेट बांग्लादेशियों का इलाका है. हर समुदाय ने अन्य आप्रवासियों से दूरी बनाए रखने के लिए अपने क्षेत्र की एक सीमा रेखा खींच रखी है.

‘अर्थव्यवस्था, राजनीतिक केंद्रीयकरण, ध्रुवीकरण’: कांग्रेस को क्यों पड़ी भारत जोड़ो यात्रा की जरूरत

जिन कारणों से कांग्रेस ने भारत जोड़ो पदयात्रा की आवश्यकता महसूस की उन्हें उसने अधिकृत रूप से तीन बिंदुओं के अंतर्गत रखा है. पहला, अर्थव्यवस्था का विनाश. दूसरा, राजनीतिक केंद्रीयकरण और तीसरा सामाजिक ध्रुवीकरण.

स्मार्ट पुलिस चाहिए तो कांस्टेबलों को कानून, फॉरेंसिक, टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग दें

लंबे समय तक, भारत में 'कानून' पर 'आदेश' को प्राथमिकता दी गई. यह समय सही कांस्टेबलों का चयन करने का है.

म्यांमार बॉर्डर की बेहतर निगरानी और चीन के खतरे का मुकाबला करने के लिए सेना संभाले असम राइफल्स की कमान

यह मान लेना भूल होगी कि सेना उत्तर-पूर्व में बगावत विरोधी कार्रवाई की ज़िम्मेदारी से पूरी तरह मुक्त हो गई है और असम राइफल्स के महानिदेशक ने इसकी पूरी ज़िम्मेदारी संभाल ली है

ममता ने मोदी को दी ‘क्लीन-चिट’, आखिर इसके पीछे क्या है असली वजह

राहुल गांधी को छोड़ अधिकतर विपक्षी नेता इस सच्चाई को कबूल कर चुके हैं कि नरेंद्र मोदी पर हमले करने से वोट नहीं मिलने वाला है; इसलिए सबने अपना-अपना उपाय खोज लिया है.

धर्म और आस्था के मीडिया कवरेज से नाखुश हैं अमेरिका और मिस्र से लेकर भारत तक के लोग

अमेरिका स्थित फेथ एंड मीडिया इनिशिएटिव के सीईओ, जिनसे पूर्व में पीएम मोदी और राहुल गांधी भी सलाह ले चुके हैं, ने दिप्रिंट से आस्था और धर्म पर उनकी संस्था द्वारा करवाए गए सर्वेक्षण के निष्कर्षों के बारे में विशेष रूप से बातचीत की.

‘पात-पात को सींचिबो, बरी-बरी को लोन,’ मुख्य चुनाव आयुक्त व्यापक चुनाव सुधारों का प्रस्ताव क्यों नहीं करते

बहुचर्चित न्यूजऐंकर रवीश कुमार की मानें तो मुख्य चुनाव आयुक्त का यह प्रस्ताव विपक्ष, खासकर छोटे दलों के आर्थिक स्रोत खत्म करने की कवायद है, जो सत्तापक्ष व विपक्ष के दलों के बीच आर्थिक असंतुलन और बढ़ायेगी.

ईरान में हिजाब पर जंग यही बताती है कि यह सिर्फ निजी पसंद या मजहब का मुद्दा नहीं है

हिजाब दरअसल अपनी पहचान, राज्यतंत्र, सामाजिक भेदभाव जैसे मसलों के लिए संघर्ष का एक प्रतीक है और ईरान में हुए पश्चिमीकरण से वहां की महिलाओं को बराबरी नहीं, यातनाएं ही मिलीं.

कुलीनतंत्र की गिरफ्त में फंसे यूक्रेन का राजनीतिक, आर्थिक हश्र दूसरे देशों के लिए चेतावनी की घंटी है

विशाल दौलत और राजनीतिक दबदबा रखने वाले कुलीनों ने तो अपना खजाना बेरोकटोक भरा लेकिन यूक्रेन सोवियत संघ के विघटन से पहले यूरोप के निर्धनतम देशों में बना रहा.

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‘सच्चे हिंदू’ गाय को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा दिलाने के लिए लखनऊ आए: अविमुक्तेश्वरानंद

लखनऊ, 10 मार्च (भाषा) शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गाय को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर मंगलवार को लखनऊ पहुंचे और लोगों...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.