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Sunday, 22 March, 2026
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डी-डॉलराइजेशन सिर्फ एक फैशनेबल बहस, हर वैश्विक संकट में दुनिया फिर डॉलर की ओर लौटती है

डॉलर को बदलने के लिए सिर्फ दूसरी करेंसी नहीं, बल्कि उतना ही मजबूत फाइनेंशियल सिस्टम, भरोसेमंद संस्थान और बैंक-निवेशक-पेमेंट का पूरा नेटवर्क भी जरूरी है.

अवामी लीग को तुरंत नए नेतृत्व की ज़रूरत, लेकिन वह इसे गलत जगहों पर ढूंढ रही है

अवामी लीग को अभी इस सवाल का जवाब नहीं चाहिए कि हसीना के बाद कौन होगा या यह बहस कि हसीना को बांग्लादेश लौटना चाहिए या नहीं, बल्कि ज़मीन पर नया नेतृत्व चाहिए.

जब आपका प्रेमी आपको कोई कविता भेजे, तो क्या करें? उसके बाद तो खेल ही खत्म हो जाता है

जो भी चीज़ लोगों को अपने लवर को कविताएं भेजने का साहस देती हैं, वह एक वायरल बुखार की तरह फैल रही है. और इसमें सबसे बड़ा बदलाव लाने वाला कौन है? ChatGPT.

जब धार्मिक पहचान और आरक्षण टकराते हैं—अदालतें क्या कह रही हैं?

क्या किसी ने सच में यह जांचा कि चर्च जाने के बावजूद उन्होंने हिंदू रीति-रिवाज़ बनाए रखे थे या नहीं? यह पता नहीं है, क्योंकि इसके लिए किसी व्यक्ति की निजी ज़िंदगी में और गहरी जांच करनी पड़ती, और कोई भी राज्य इतने लोगों की निजी ज़िंदगी में इतना अंदर तक नहीं जा सकता.

भारत के पड़ोस में जनांदोलनों के बाद शांतिपूर्ण सत्ता परिवर्तन लोकतंत्र की मजबूती की मिसाल है

लोकतंत्र की ‘रेटिंग’ करना एक जोखिम भरा काम है. मैं केवल इस सीधी-सी कसौटी को लागू करता हूं—कहां सबसे शांतिपूर्वक तथा सामान्य ढंग से राजनीतिक सत्ता का निरंतरता के साथ बदलाव होता रहा है.

उज्ज्वला से केरोसिन तक: भारत सरकार LPG की कमी से निपटने में जुटी, लेकिन संकट से इनकार

LPG की कमी से गरीब भारतीय परिवारों के कोयले के इस्तेमाल वाले दिनों में लौटने का खतरा पैदा हो गया है—ठीक उसी दौर में, जिसे मोदी सरकार ने चरणबद्ध तरीके से खत्म किया था.

स्टडी वीज़ा पर UK का ‘इमरजेंसी ब्रेक’ सच में नियमों के बारे में है, तो पाकिस्तान शामिल क्यों नहीं

अफगानिस्तान, कैमरून, म्यांमार और सूडान का सिलेक्शन सवाल खड़ा करता है. खासकर तब जब इस समय ब्रिटेन में शरण मांगने वालों में पाकिस्तानियों की संख्या सबसे ज्यादा में से एक है.

भारतीय मुसलमानों को ‘ग्लोबल उम्माह’ के बारे में भ्रम छोड़ना चाहिए

गाज़ा और ईरान की हाल की घटनाओं ने ‘ग्लोबल इस्लाम’ के विचार की खोखलापन को उजागर कर दिया है.

नेहरू और मोदी की दुविधा एक जैसी. 1953 के परमाणु संकट से जुड़े गुप्त दस्तावेजों से खुलासा

जहां आलोचक PM मोदी पर ईरान संकट को लेकर देश की आज़ादी और भारत के नैतिक मूल्यों को छोड़ने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं डीक्लासिफाइड डॉक्यूमेंट्स से पता चलता है कि उनके सामने जो मुश्किलें हैं, वे नई नहीं हैं.

सिंचाई में बड़ी कामयाबी के दावे पंजाब को रावी–ब्यास जल विवाद में भारी पड़ सकते हैं

कोई यह नहीं कहता कि पंजाब को नहर सुधार में हुई असली प्रगति छिपानी चाहिए, लेकिन धीरे-धीरे हो रहे सुधार की जानकारी देना और उसे बड़ी उपलब्धि बताकर पेश करना—दोनों में फर्क है.

मत-विमत

‘विश्वगुरु’ बनने का हमारा-आपका भ्रम, दुनिया को देखने की समझ बिगाड़ रहा है

एक पक्ष सोचता है कि आज भारत अपनी हैसियत से ज्यादा आगे बढ़कर कदम उठा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष सोचता है कि मोदी ने भारत की हैसियत कमजोर कर दी है और भारत अपनी हैसियत से कम कदम उठा रहा है. सच यह है कि दोनों ही गलत हैं.

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जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने मत्स्य परियोजना के लिए केंद्रीय अनुदान पर प्रधानमंत्री का आभार जताया

जम्मू, 21 मार्च (भाषा) जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को मत्स्य पालन विकास परियोजना के क्रियान्वयन के लिए 111.66 करोड़ रुपये के...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.