भारत, रूस, चीन और मध्य एशियाई देश समेत सभी पक्ष अफगान संकट का एक स्थिर समाधान देखना चाहते हैं ताकि उनके हितों की रक्षा की जा सके. इन सभी देशों के लिए आतंकवाद एक कॉमन प्रॉब्लम है.
अगर बीजेपी को लोकसभा चुनाव 2024 में दिल्ली की सातों सीटें बनाए रखनी है, तो उसे अपनी प्रदेश इकाई में भारी फेरबदल और कुछ नेताओं को विदा करने की दरकार है.
हिमाचल प्रदेश में मोदी का चेहरा नहीं चला और राष्ट्रवाद-हिंदुत्ववाद भी मुद्दे नहीं बन पाए इसलिए वह एक सामान्य चुनाव बन गया, वहां 2014 से ऐसा ही चल रहा है
सरकार ने इस क्षेत्र को निजी उत्पादन के लिए खोल दिया है. वित्त मंत्री ने पिछले बजट भाषण में कहा था कि सरकार रक्षा मामलों के आर एंड डी पर जो खर्च करेगी उसका एक चौथाई हिस्सा निजी उद्योग और गैर-सरकारी संस्थानों को जाएगा लेकिन अब तक यह महज बयान ही है.
कांग्रेस ने कोलिजियम सिस्टम लाने की जजों की कोशिश का कभी विरोध नहीं किया. बल्कि बाद में कांग्रेस शासन में कानून मंत्री बने कपिल सिब्बल ने तो 1993 के इस केस में कोलिजियम सिस्टम के पक्ष में बहस की थी.
चीन को इस संभावना का सामना करना पड़ रहा है कि ताइवान या भारत के खिलाफ उसका पहला युद्ध संभावित रूप से कई अन्य देशों को अमेरिका के साथ आने और उसके खिलाफ एक सख्त सैन्य गठबंधन बनाने के लिए प्रेरित कर सकता है.
बांग्लादेश के नए विदेश मंत्री खलील-उर-रहमान के अप्रैल में भारत आने की उम्मीद है. प्रधानमंत्री तारिक रहमान के पद संभालने के बाद ये दोनों देशों के बीच पहला बड़ा हाई-लेवल संपर्क होगा.