भारत के जीवीए में सेवाओं की हिस्सेदारी 8 वर्षों में प्राथमिक फोकस के बिना 48% से बढ़कर 57% हो गई. कल्पना कीजिए कि अगर मोदी सरकार इस पर पूरी तरह फोकस हो जाए तो यह क्षेत्र क्या कर सकता है.
दो साल बाद खुसरो को दिल्ली की याद सताने लगी तो इस कामना के साथ अयोध्या छोड़ी कि राम की नगरी की खूबसूरती अपने दिल में बसाकर अपने पीर हजरत निजामुद्दीन औलिया के कदमों में आखिरी सांस लें.
जबकि लेजर बालों को कम करना आम तौर पर सुरक्षित होता है, पीसीओएस जैसे हार्मोनल असंतुलन वाले कुछ व्यक्तियों को बालों के विकास में वृद्धि का अनुभव हो सकता है. इस तरह आप इससे बच सकते हैं.
प्रोफेसर भार्गव ने द हिन्दू के लिए कुछ छोटे लेख लिखे हैं. इस पुस्तक में ऐसे ही लेखों का संकलन है. आज हम भारत में जिन नैतिक समस्याओं का रोज सामना करते हैं वैसी बहुत सी समस्याओं पर पुस्तक में संकलित लेखों में विचार किया गया है.
विश्वयुद्ध की संभावना खत्म होने के बाद छोटी-छोटी बगावतें उभर सकती हैं; भारत के लिए पाकिस्तान के जिहादी, म्यांमार के बागी और श्रीलंका का आर्थिक संकट खतरे की घंटियां हैं
संयुक्त राष्ट्र मानव विकास सूचकांक में भारत का दर्जा कई वर्षों से स्थिर है, यानी वह दूसरे देशों के मुक़ाबले न तो बहुत बेहतर काम कर रहा है और न बहुत बुरा, हालांकि ज़्यादातर देश भारत के मुक़ाबले धीमी गति से ही आर्थिक वृद्धि दर्ज कर रहे हैं
शैली ओबेरॉय दिल्ली के मेयर के रूप में प्रशासनिक कार्य में जाने से पहले, उनकी प्राथमिक चुनौती स्थायी समिति के छह सदस्यों के चुनाव में मदद करने के रूप में है.
हथियारों से लैस भीड़ सीमावर्ती पुलिस थाने पर हमला बोल देती है, गिरफ्तार संदिग्ध शख्स को रिहा कर दिया जाता है, और सरकार ‘खेद’ जाहिर करके रह जाती है, इसके बाद भी आप सोचते हैं कि इस सबका का कोई नतीजा सामने नहीं आएगा, तो आप बड़े नादान हैं.
चाहे वह आलिया भट्ट की उनके घर पर चोरी-छिपे फोटो खिंचवाने की बात हो या आम नागरिकों के साथ धोखाधड़ी, हमारे साथ कमोडिटी के रूप में व्यवहार किया जाता है. हम प्राइवेसी वॉर हार गए हैं.
मुख्यधारा मीडिया में लगातार, लगभग एक जैसा नैरेटिव दिखाया जाता है: बंगाल ‘कानूनहीन’, बंगाल ‘हिंसक’, बंगाल ‘अस्थिर’. हर घटना को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता है.