इमरान की पार्टी का बिखराव बताता है कि पाकिस्तानी फौज के लिए लोगों में हमदर्दी कायम है, जबकि वह आंदोलनकारियों के खिलाफ आर्मी एक्ट लागू करने और जय जवान, जय किसान को नया अर्थ देने की बात कर रही है.
अगर भारत 2047 में वहां पहुंच भी जाता है तो तब तक काफी देर हो चुकी होगी. मानव विकास के मामले में भारत अभी ‘मध्य’ श्रेणी में है, और जिसे बहुआयामी गरीबी कहा जाता है उसे खत्म करने में अभी भी देश पीछे ही है.
तुर्की, मिस्र, सऊदी अरब और इंडोनेशिया को G20 की श्रीनगर बैठक का बहिष्कार करने और चीन के साथ गठबंधन करने की कमियों का जल्द ही एहसास होगा. भारतीय अर्थव्यवस्था को तैयार रहना चाहिए.
बीजेपी की पहल पर पसमांदा मुसलमानों की सकारात्मक प्रतिक्रिया काफी उल्लेखनीय है. यह दर्शाता है कि वे राजनीतिक बयानबाजी की जगह सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं.
इस अनुकूल मुकाम तक पहुंचने के लिए भारत ने कड़ी मेहनत की है लेकिन अपने सरोकारों को मजबूती देने का सबसे बुद्धिमानी भरा उपाय जम्मू-कश्मीर को उसका राज्य का दर्जा लौटाना ही है.
बीजेडी और जेडी(एस) जैसी कुछ पार्टियों ने पीएम का समर्थन किया है- यह इस बढ़ते अहसास का संकेत है कि राष्ट्रीय प्रतीक से जुड़े किसी मुद्दे पर उनका विरोध करना काम नहीं कर सकता है.
24 अक्टूबर,1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने संसद के एनेक्सी भवन का उद्घाटन किया था. 15 अगस्त, 1987 को उस समय के प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने संसदीय पुस्तकालय का शिलान्यास किया था.
मृणाल पांडे की किताब हिंदी मीडिया के इतिहास के साथ उसका राजनीतिशास्त्र, अर्थशास्त्र और समाजशास्त्र भी समझाती है, चरमोत्कर्ष की घड़ी में उसके पतन की वजह बताती है.
यह संग्रह इस पर शुरुआती राय देता है कि iCET के ढांचे के भीतर किन बातों पर विचार किया जा सकता है. हर खंड में, लेखकों ने कुछ खास सिफारिशें की हैं, जिन्हें अगले 6 महीनों में, अगले साल या उसके बाद हासिल किया जा सकता है.
विकसित सेना के गठन के लिए 2047 को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा का एक स्पष्ट ‘विजन’, हर 5 साल में समीक्षा की जाने वाली राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति और एक ठोस नेशनल डिफेंस पॉलिसी की ज़रूरत है.