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Monday, 9 February, 2026
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दक्षेस सम्मेलन से लेकर बेगम अख्तर के आखिरी शो तक — दिल्ली के विज्ञान भवन का रहा है ऐतिहासिक इतिहास

नया कन्वेंशन सेंटर दुनिया के शीर्ष 10 कन्वेंशन सेंटर्स में होगा, जो जर्मनी के हनोवर और चीन के शंघाई जैसे विख्यात कन्वेंशन सेंटर को टक्कर देगा. पर एक दौर विज्ञान भवन का भी था, जहां 1956 से लेकर हाल तक न जाने कितने शिखर सम्मेलन, कॉन्फ्रेंस और अन्य सरकारी और गैर-सरकारी कार्यक्रम आयोजित हुए.

भारत में 50 या अधिक राज्य होने चाहिए, यूपी का दबदबा नाराज़गी का कारण है

कम आबादी वाले अमेरिका में 50 राज्य हैं और अधिक समरूप चीन में 34 प्रशासनिक क्षेत्र हैं, तो भारत को 50 या अधिक प्रशासनिक क्षेत्र स्थापित करने पर विचार क्यों नहीं करना चाहिए?

कांग्रेस के परिवारवाद को भूल जाइए, BJP-RSS की राजनीति अब देश के लिए ज्यादा खतरनाक है

आठ वर्ष पहले भाजपा नेताओं ने भारत को 'कांग्रेस-मुक्त' करा देने की घोषणा की थी. वे भूल गये थे कि अति-निंदा और झूठी निन्दा का अंततः उल्टा फल भी मिलता है.

मोदी मणिपुर के CM को क्यों नहीं हटाएंगे? ऐसा करने की 4 वजहें और 5 कारण कि उन्हें ऐसा क्यों करना चाहिए

मणिपुर में हिंसा भी इसी तरह भुला दी जाएगी जैसे कोविड की दूसरी लहर गुज़र गई और हर कोई बीरेन सिंह की गलतियों को भी भूल जाएगा. ऐसा ही बीजेपी के रणनीतिकारों को लगता होगा, लेकिन वह गलत हैं.

बारिश के मौसम में रोमांटिक लोगों को त्वचा संक्रमण और एलर्जी से सावधान रहने की जरूरत है

बारिश का पानी अब उतना शुद्ध नहीं रहा जितना पहले हुआ करता था, क्योंकि हवा में उपस्थित प्रदूषक तत्व वर्षा की बूंदों के साथ मिल जाते हैं. बरसात का मौसम अपने साथ महामारी और एलर्जी का खतरा बढ़ा देता है.

भारत सबसे तेज अर्थव्यवस्था के ठप्पे में न उलझे, आर्थिक सफलताओं पर ध्यान दे

भारत न अब सबसे तेजी से वृद्धि दर्ज कर रही अर्थव्यवस्था है, न ही उसे ‘चाइना प्लस वन’ वाले परिदृश्य में बड़ा लाभ मिल रहा है लेकिन मुद्रास्फीति, घाटे के प्रबंधन, विदेशी मुद्रा भंडार और रुपये की स्थिरता के मामले में उसने अच्छा प्रदर्शन किया है.

मुसलमानों और ईसाइयों को अनुसूचित जाति में शामिल करने पर क्यों बदल गई मेरी राय

धर्म और धर्म को मानने वाले लोगों के लोक व्यवहार के संबंध को देखा जाए तो ये तो स्पष्ट है कि हिंदू जिन धर्म ग्रंथों को मानते हैं उनमें जाति, जातिगत भेदभाव और छुआछूत है.

सरकार नई, पर बांटने की वही पुरानी राजनीति; मणिपुर में BJP सरकार ने बदलाव की कभी कोशिश नहीं की

कांग्रेस ने अगर गलती की थी, तो भाजपा तो वहां असली बदलाव ला सकती थी लेकिन मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने हिंसा से पहले और उस दौरान जो बयान दिए उनसे भाजपा की वही विभाजनकारी नीति उभरी.

INDIA ‘मोदी-मुक्त-संसद’ का सपना देखने वालों का एक संगठन है, यह दूसरा UPA मात्र है

कांग्रेस के लिए सबसे अच्छी बात यह हो सकती है कि वह 2029 में अकेले चुनाव लड़ने के लिए तैयार रहे, अगर वह तब तक जीवित रहने में सफल रहती है तो.

भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन घुसपैठ : एक उभरते खतरे का मुकाबला

पिछले तीन वर्षों में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन घुसपैठ में वृद्धि हुई है. यह टिप्पणी इस नए खतरे की प्रकृति का वर्णन करती है और भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठान द्वारा अब तक तैनात किए गए जवाबी उपायों की रूपरेखा तैयार करती है.

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‘हाल मुकाम’ में बेदखली: इंडिया आर्ट फेयर में मलबे से निकली लाल ईंटें और उनसे बनी एक बेचैन दुनिया

इंडिया आर्ट फेयर में सबसे ज़्यादा चर्चा में रहने वाला आर्टवर्क किसी परिभाषा में नहीं बंधता—गिरजेश कुमार सिंह मलबे से निकाली गई ईंटों से लोगों और उनके बैग की मूर्तियां बनाते हैं. इस प्रदर्शनी का नाम 'हाल मुकाम' है.

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लैम्बॉर्गिनी कार ने राहगीरों और दोपहिया वाहनों को टक्कर मारी, छह घायल

कानपुर (उप्र), आठ फरवरी (भाषा) कानपुर के ग्वालटोली इलाके में रविवार को एक तेज रफ्तार लैम्बॉर्गिनी कार ने राहगीरों और दोपहिया वाहनों को...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.