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Wednesday, 1 April, 2026
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दक्षिण बनाम उत्तर की बहस नहीं बल्कि केंद्र की ‘एक राष्ट्र, एक नीति’ विभाजनकारी है

भारत में लोकतांत्रिक मॉडल संघीय है, लेकिन एक शक्तिशाली संघ की ओर थोड़ा झुका हुआ है, जो राज्यों के अधिकारों की कीमत पर और भी अधिक शक्ति अर्जित करता है.

चेन्नई ने 2015 की बाढ़ से सीखा, लेकिन अतिक्रमण ने इसे चक्रवात के प्रकोप के सामने खड़ा कर दिया

2023 की बाढ़ के दौरान बेहतर प्रबंधन और कम हताहतों के बावजूद, डीएमके सरकार बाढ़ के बाद की स्थिति को कुशलता से संभालने में सक्षम नहीं थी.

KCR का अंधविश्वास उन पर भारी पड़ गया, उन्हें इसके बजाय डिलीवरी और सुशासन पर फोकस करना चाहिए था

केसीआर का दो साल तक सचिवालय न जाना अंधविश्वास की छोटी सी बानगी है - नंबर छह के प्रति उनका प्यार भी काफी मशहूर है.

भारतीय व्यवसायी आशंकित भले हों लेकिन वे अभी भी मोदी सरकार को अपने लिए सबसे मुफीद मानते हैं

व्यवसायी वर्ग चाहता है कि नरेंद्र मोदी की सरकार वापस आए लेकिन वह अल्पमत सरकार हो और गठबंधन के सहयोगियों की बैसाखी के सहारे हो, जो उसकी किसी ज्यादती पर लगाम कसे रहें.

2024 के चुनाव में उत्तर बनाम दक्षिण का मुक़ाबला नहीं होने वाला, BJP की सीमाएं और गणित को समझें

यह कहना एक आलसी सरलीकरण होगा कि भारतीय राजनीति भाजपा-प्रेमी उत्तर भारत, और भाजपा- विरोधी दक्षिण में बंट चुकी है. 2024 का मुक़ाबला भाजपाई ‘हार्टलैंड’ बनाम परिधि वाले राज्यों का होगा.

मुसलमानों के पिछड़ेपन के लिए न तो कांग्रेस और न ही BJP ज़िम्मेदार, वे खुद इसके दोषी हैं

आज बुद्धिजीवी लगातार हिंदू प्रधान भारत में हाशिये पर पड़े मुसलमानों की मार्मिक कहानियों की खोज में लगे हुए हैं. एक पसमांदा मुस्लिम के रूप में मेरा नज़रिया प्रमुख कहानी से काफी अलग है.

विकसित देशों ने COP28 में जलवायु डैमेज फंड पर गलती की, लेकिन भारत अपने लक्ष्यों पर स्पष्ट है

जब तक COP28 जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन भारत द्वारा प्रस्तुत वैश्विक दृष्टिकोण को मान्यता नहीं देता, सार्वभौमिक समाधान और आम सहमति प्राप्त करना कठिन होगा.

2024 में केवल मोदी ही मोदी को हरा सकते हैं, INDIA एलायंस के नेताओं के बीच की दरार महज़ दिखावा

आज कांग्रेस के पास कोई स्वाभाविक सहयोगी नहीं है, केवल दुश्मन हैं. लेकिन विपक्षी नेताओं के इंडिया एलायंस के तहत फिर से एकजुट होने के बाद भी, यह 2024 में बीजेपी को चुनौती देने के लिए पर्याप्त नहीं होगा.

टेक्नोलॉजी में साझेदारी, डेटा सुरक्षा, सेमी-कंडक्टर के साथ भारत का जियो-डिजिटल युग शुरू

भारत के जियो-डिजिटल युग के मामले से जुड़े हैं कई पहलू, और मंत्रियों के स्तर पर तालमेल की सख्त जरूरत है.

मोदी की लोकप्रियता समय के साथ बढ़ती ही जा रही है, इन चुनावी नतीजों के 10 निष्कर्ष

एकबार फिर कांग्रेस अपना जनाधार बढ़ाने में नाकामयाब रही है जबकि भाजपा ने इसे बड़ी ही सफलता से निभाया है. हिंदुत्व का मुद्दा इसबार लगभग गायब ही रहा; भाजपा से सीधे मुक़ाबले के लिए कांग्रेस अभी भी तैयार नहीं. 

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राजस्थान में 65 आईएएस के तबादले, जितेंद्र सोनी बने मुख्यमंत्री के सचिव

जयपुर, एक अप्रैल (भाषा) राजस्थान सरकार ने एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 65 अधिकारियों के तबादले किए हैं...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.