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Friday, 6 February, 2026
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भारतीय सेना को ‘मेल वॉरियर’ की संस्कृति को छोड़ना होगा, महिलाओं की सिर्फ भर्ती करना काफी नहीं है

अब जबकि बड़ी संख्या में महिलाओं को सेना में अधिकारी रैंक से नीचे के कर्मियों के रूप में भर्ती किया जाना है, तो सशस्त्र बलों को लिंग आधारित अपराधों से निपटने के लिए कानून बनाना होगा.

शाहिद अफरीदी से लेकर अब्दुल रज्ज़ाक तक पाकिस्तानी क्रिकेटरों का गंदा, पिछड़ी सोच वाला चेहरा सामने आया

प्रगतिशील और महिलाओं के प्रति सम्मान रखने की वकालत करने वाली हस्तियां पाकिस्तान में अपवाद जैसी हैं.

मध्य प्रदेश में असली सवाल: क्या राजनीतिक परिवर्तन प्रदेश में सामाजिक बदलाव की राह खोलेगा?

राज्य में सतह के नीचे ही नीचे सामाजिक परिवर्तन की शक्तियां सक्रिय हैं और बदलाव का लावा खौल रहा है.

हिंदी TV न्यूज़ के पास सुरंग हादसे के लिए समय नहीं है, उन्हें बस गाज़ा और अयोध्या की खबरें दिखानी हैं

किसी भी चैनल ने फंसे हुए मजदूरों के परिवारों का पता लगाने की कोशिश नहीं की. लेकिन देश न्यूज़़ और इंडिया वॉयस जैसे चैनलों के पास गाज़ा और इज़रायल में शोक संतप्त परिवारों के खूब फुटेज हैं.

विदेशों में भारतीय मूल के राजनेताओं पर गर्व करना बंद कीजिए, उनमें से कई लोग नकली और नस्लवादी हैं

विदेशों में कई भारतीय राजनेता नस्लवाद और साम्राज्यवाद के बेईमान समर्थक हैं. सुएला ब्रेवरमैन और विवेक रामास्वामी को ही देख लें.

‘अखिलेश-वखिलेश’ एक तरफ, तेलंगाना के मुसलमान INDIA में कांग्रेस की जगह तय करेंगे

एआईएमआईएम और बीआरएस, हालांकि निकटतम सहयोगी तो हैं लेकिन कभी गठबंधन में नहीं रहे.

राहुल गांधी कांग्रेस के वेलफेयर एजेंडे को नया आकार दे रहे हैं, मैं इसे शूद्र विकास मॉडल कहता हूं

भाजपा के आर्थिक मॉडल के विपरीत, जो बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाता है, कांग्रेस उन लोगों पर ध्यान केंद्रित करती है जो भूमि और श्रम से धन पैदा करते हैं.

2024 तमिलनाडु में एक चौंकाने वाली स्थिति पैदा करेगा, तीन नए चेहरे सामने आने वाले हैं

आठ प्रमुख क्षेत्रीय नेताओं का दक्षिण भारत पर काफी प्रभाव है. दक्षिण भारत में राजनीति के राज्य-वार गहन विश्लेषण से यह पता चल सकता है कि 2024 में क्या हो सकता है.

2024 के चुनावों से पहले अर्थव्यवस्था पर मोदी सरकार का बयान बदल रहा है. सब कुछ अच्छा ही अच्छा नहीं है

भारत दाल और भारत आटा के लॉन्च से पता चलता है कि सरकार लोगों को हो रही परेशानी से चिंतित है. उसके पास ऐक्शन लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं है.'

हमास के हमले ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए मनुष्य आधारित खुफिया तंत्र की अहमियत उजागर की

टेक्नोलॉजी में प्रगति, एआइ, और ‘मशीन लर्निंग’ के बावजूद शत्रु के इरादों को भांपने में मनुष्य या संगठन पर आधारित खुफियागीरी की भूमिका प्रमुख बनी रहेगी.

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आतिशी वीडियो विवाद: दिल्ली विधानसभा ने पंजाब के डीजीपी और वरिष्ठ अधिकारियों से जवाब मांगा

नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति ने आम आदमी पार्टी (आप) की नेता आतिशी के कथित रूप से ‘छेड़छाड़’ करके...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.