लिबर्टेरियन कमेंटेटर एमए वेंकट राव ने 1963 में लिखा था कि क्लास वॉर पर आधारित होने के कारण, मार्क्सवाद पर आधारित कोई भी राज्य खुद को दूसरे सभी देशों के खिलाफ, कड़े और पूरी तरह से विरोध में खड़ा कर लेगा.
अगर सरकार टैक्सपेयर्स का पैसा देश को बेहतर बनाने में खर्च करना चाहती है, तो ज्यादा अदालतें बनाए, टूटती हुई नौकरशाही को सुधारे, लेकिन, ज़ाहिर है, नेता सिर्फ अपने बारे में सोचेंगे.