एक चर्च हॉल में नेल्विन का परिवार और उनके साथ ईसाई समुदाय के अन्य लोग एयर इंडिया के ऑर्डर को पूरा करने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं, ताकि ताबूत अहमदाबाद के सिविल अस्पताल तक पहुंचाए जा सकें.
मुझे लिखित संदेश मिला कि कानू सान्याल अपना ‘प्रतिनिधिमंडल’ मेरे पास भेजना चाहते हैं. उम्मीद की जा रही थी कि अपने उग्र समर्थकों के साथ आ रहे दुबले-पतले गुस्सैल बूढ़े आदमी के साथ बेहद तीखी मुठभेड़ होगी.