दलित कार्यकर्ता थेनमोझी सुंदरराजन का गूगल टॉक शो कथित तौर पर कर्मचारियों की शिकायतों के बाद रद्द कर दिया गया. गूगल का कहना है कि 'उनके कार्यस्थल में जातिगत भेदभाव की कोई जगह नहीं है'.
अगर सरकार टैक्सपेयर्स का पैसा देश को बेहतर बनाने में खर्च करना चाहती है, तो ज्यादा अदालतें बनाए, टूटती हुई नौकरशाही को सुधारे, लेकिन, ज़ाहिर है, नेता सिर्फ अपने बारे में सोचेंगे.