बेंगलुरु, 15 अप्रैल (भाषा) पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले महिला आरक्षण विधेयक पारित...
भारत की संसदीय शक्ति कभी पूरी तरह संख्यात्मक नहीं रही. क्षेत्रों को आवाज़ देकर संघवाद ने भारत को एक राष्ट्र बनाया. अब जब केवल संख्यात्मक सिद्धांत को प्राथमिकता दी जा रही है, तो राष्ट्रीय एकता खतरे में है.