मुझे लिखित संदेश मिला कि कानू सान्याल अपना ‘प्रतिनिधिमंडल’ मेरे पास भेजना चाहते हैं. उम्मीद की जा रही थी कि अपने उग्र समर्थकों के साथ आ रहे दुबले-पतले गुस्सैल बूढ़े आदमी के साथ बेहद तीखी मुठभेड़ होगी.
पहलगाम आतंकी हमले के एक साल बाद, कानपुर के श्याम नगर के एक फ्लैट में ऐशान्या और उनके ससुराल वाले अब भी शुभम द्विवेदी के गम में डूबे हैं, जिनकी 31 साल की उम्र में जान चली गई.