दुनियाभर में 11,34,000 बच्चों ने अपने माता-पिता या संरक्षक दादा-दादी/नाना-नानी को कोविड-19 के कारण खो दिया. इनमें से 10,42,000 बच्चों ने अपनी मां, पिता या दोनों को खो दिया.
सरकार के मुताबिक सर्वेक्षण में शामिल किये गये स्वास्थ्य कर्मियों में 85 प्रतिशत में सार्स-सीओवी-2 के खिलाफ एंटीबॉडी है और स्वास्थ्य कर्मियों में 10 प्रतिशत का अब तक टीकाकरण नहीं हुआ है.
वैक्सीन डेंगवैक्सिया 9 से 45 वर्ष की आयु वाले उन लोगों को दी जानी है जो पहले डेंगू वायरस से संक्रमित हो चुके हैं और उन क्षेत्रों में रहते हैं जहां स्थानीय स्तर पर यह संक्रमण फैलता है.
जींद, झज्जर और कैथल में भी इसी तरह की निराशा भरी कहानियां साझा की गई हैं, जहां लोग टीका लगवाने के लिए लाइनें लगा रहे हैं लेकिन खुराकों की सप्लाई में कमी के चलते उन्हें वापस लौटाया जा रहा है.
देशव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक टीके की कुल 40.49 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं. संक्रमण की दैनिक दर 2.13 प्रतिशत और साप्ताहिक संक्रमण दर 2.08 प्रतिशत है.
6-12 जुलाई के बीच 9.85 की साप्ताहिक टेस्ट सकारात्मकता के साथ, कोल्हापुर महाराष्ट्र के कोविड प्रगति कार्ड में सबसे नीचे है और इसी अवधि के 4.36 के राज्य के औसत से पीछे चल रहा है. हालांकि टीकाकरण के मामले में ख़ासकर 45+ आयु वर्ग में, कोल्हापुर का शुमार सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले ज़िलों में है.
कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका गांधी का कहना है कि भारत में तीसरी लहर के कहर के आसार कम ही हैं क्योंकि दूसरी लहर ने तमाम लोगों में नेचुरल इम्युनिटी पैदा कर दी होगी.
जहां एसआईआई का कहना है कि उन्होंने अपने पार्टनर ऐस्ट्राजेनेका के जरिए कोविशील्ड की स्वीकृति के लिए अप्लाई किया है वहीं, ईएमए का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई भी आवेदन नहीं मिला है.