कर्नाटक देश का पहला राज्य था जहां 2 दिसंबर को ओमीक्रॉन के 2 मामले सामने आए थे. उनमें से एक मरीज़ एक स्थानीय डॉक्टर है जिसका अपना या उसके 200 संपर्कों का यात्रा का कोई इतिहास नहीं है.
ब्रिटेन में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं के नेतृत्व में एक टीम ने पाया कि 1,070 प्रतिभागियों के अध्ययन में कोई सुरक्षा चिंता नहीं उत्पन्न नहीं हुई.
ओमीक्रॉन स्वरूप का पहला मामला दुनिया में सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में सामने आया था. दक्षिण अफ्रीका से प्राप्त खबरों में कहा गया है कि लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की दर तेजी से नहीं बढ़ी है.
स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि संक्रमितों में नाइजीरिया से आई महिला और उसकी दो बेटियां शामिल हैं. वह नजदीकी पिंपरी-चिंचवड इलाके में अपने भाई से मिलने आई हैं.
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कई लोगों ने कोविशील्ड की दूसरी खुराक नहीं ली है क्योंकि दोनों खुराकों के बीच अंतर की अनिवार्यता की अवधि (84 दिन) अधिक है.
लोकलसर्कल्स सर्वे की एक रिपोर्ट में पता चला है कि केवल 2% उत्तरदाताओं ने अपने क्षेत्र में मास्क लगाने की बात कही है जो सितंबर के 12% से नीचे गिरा है और उससे भी बड़ी गिरावट अप्रैल के 29% से है.
सरकार कड़वा सच क्यों नहीं बोल सकती, इसे समझना बहुत आसान है. तमाम युद्धों की तरह यह युद्ध भी जब रुक जाएगा तब भी भारत के हित विजेता के साथ भी जुड़े होंगे और हारने वालों के साथ भी.