ओमीक्रॉन के सबसे अधिक 108 मामले महाराष्ट्र में सामने आए. इसके बाद दिल्ली में 79, गुजरात में 43, तेलंगाना में 38, केरल में 37, तमिलनाडु में 34 और कर्नाटक में 31 मामले सामने आए.
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक भारत में अब तक पाए गए ओमाइक्रॉन प्रकार के 358 मामलों में से 183 का विश्लेषण किया गया और उनमें से 121 मरीज विदेश यात्रा करके आए थे.
शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और रूस जैसे देशों से प्राप्त आंकड़ों का इस्तेमाल किया, जो पहले ही महामारी की तीसरी लहर का सामना कर रहे हैं.
ओमीक्रॉन स्वरूप इसके डेल्टा स्वरूप की तुलना में कम से कम तीन गुना अधिक संक्रामक है और आपातकालीन संचालन केंद्रों को सक्रिय किए जाने के साथ ही जिला और स्थानीय स्तर पर सख्त और तेजी से रोकथाम कार्रवाई की जानी चाहिए.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सतर्क रहने और मामले की सकारात्मकता, दोहरीकरण दर और नए मामलों के समूह की निगरानी करने और क्रिसमस तथा नए साल से पहले स्थानीय स्तर पर प्रतिबंध लगाने पर विचार करने की सलाह दी गई है.
देशभर में ओमीक्रॉन के मामलों की संख्या बढ़ रही है. हिमाचल, पश्चिम बंगाल और पंजाब समेत कई राज्यों में स्कूल के बच्चों में कोरोना के मामले पाए जा रहे हैं, जिससे देश में एक बार फिर कोरोना का डर पैदा हो गया है.
इंडिया आर्ट फेयर में सबसे ज़्यादा चर्चा में रहने वाला आर्टवर्क किसी परिभाषा में नहीं बंधता—गिरजेश कुमार सिंह मलबे से निकाली गई ईंटों से लोगों और उनके बैग की मूर्तियां बनाते हैं. इस प्रदर्शनी का नाम 'हाल मुकाम' है.