Thursday, 7 July, 2022
होमदेशभारत में Omicron के जांचे गए कुल मामलों में 91% ने ली थी वैक्सीन की दोनों खुराक, बूस्टर डोज वाले भी सेफ नहीं

भारत में Omicron के जांचे गए कुल मामलों में 91% ने ली थी वैक्सीन की दोनों खुराक, बूस्टर डोज वाले भी सेफ नहीं

सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक भारत में अब तक पाए गए ओमाइक्रॉन प्रकार के 358 मामलों में से 183 का विश्लेषण किया गया और उनमें से 121 मरीज विदेश यात्रा करके आए थे.

Text Size:

नई दिल्ली: केंद्र सरकार कोविड के नये वैरिएंट ओमीक्रॉन को लेकर सतर्कता बढ़ा रही है और इसके तेजी से बढ़ने को लेकर लोगों को चेताने में लगी है. केंद्र सरकार के मुताबिक अब तक विश्लेषण किए गए 183 ओमाइक्रोन मामलों में से 91% को पूरी तरह से टीका लगाया गया था जिसमें 3 लोगों को बूस्टर शॉट लगे थे. इनमें 70% एसिम्प्टोमैटिक थे और 61% पुरुष थे.

सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक भारत में अब तक पाए गए ओमाइक्रॉन प्रकार के 358 मामलों में से 183 का विश्लेषण किया गया और उनमें से 121 मरीज विदेश यात्रा करके आए थे.

डब्ल्यूएचओ के हवाले से सरकार ने कहा ओमीक्रॉन डेल्टा से ज्यादा तेज बढ़ता है जो 3 दिनों 1.5 से दोगुने समय के साथ कम्युनिटी के जरिए तेजी से फैल रहा है.

सरकार ने कहा कि भारत में डेल्टा वैरिएंट मुसीबत बना हुआ है, कोविड-उपयुक्त व्यवहार जारी रखने और टीकाकरण में तेजी लाने की आवश्यकता है.

वहीं ओमाइक्रोन वैरिएंट के मद्देनजर सरकार ने निजी स्वास्थ्य क्षेत्र से तैयार रहने की अपील की क्योंकि इसे महामारी के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है.

अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक

दिप्रिंट आपके लिए ले कर आता है कहानियां जो आपको पढ़नी चाहिए, वो भी वहां से जहां वे हो रही हैं

हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें.

अभी सब्सक्राइब करें

कोविड-19 को लेकर सरकार का कहना है कि देशभर के 20 जिलों में साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट 5 से 10 प्रतिशत, दो जिलों में 10 प्रतिशत से अधिक के बीच रिपोर्ट कर रहे हैं.

वहीं केरल और मिजोरम में COVID-19 मामले की सकारात्मकता दर राष्ट्रीय औसत से बहुत अधिक है, जो कि चिंता का कारण है.

सरकार ने बताया कि विश्व में COVID-19 मामलों में चौथी वृद्धि देखी जा रही है और कुल सकारात्मकता दर 6.1 प्रतिशत है, इसलिए हम अपनी निगरानी कम नहीं कर सकते.

दिल्ली में एक दिन में कोविड-19 के 180 नये मामले, 16 जून के बाद सर्वाधिक

राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को कोविड-19 के 180 नये मामले सामने आए, जो 16 जून के बाद से एक दिन की सर्वाधिक संख्या है. हालांकि, महामारी से किसी और मरीज की मौत नहीं हुई है. दिल्ली स्वास्थ्य विभाग द्वारा साझा किये गये आंकड़ों से यह जानकारी मिली.

उल्लेखनीय है कि 16 जून को शहर में कोरोना वायरस से संक्रमण के 212 मामले सामने आए थे.

दिल्ली में कोरोनावायरस के नये स्वरूप ओमीक्रोन के मामले बढ़ने के बीच पिछले कुछ दिनों में संक्रमण के मामलों में वृद्धि हुई है.

विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को 180 नये मामले सामने आए, जबकि संक्रमण की दर 0.29 प्रतिशत रही. राष्ट्रीय राजधानी में दिसंबर में अब तक कोविड से पांच लोगों की मौत हुई है.

विभाग के मुताबिक, एक दिन पहले कुल 62,697 नमूनों की जांच की गई, जिनमें 57,583 आरटी-पीसीआर जांच शामिल है.

दिल्ली में संक्रमण के अब तक कुल 14,42,813 मामले सामने आए हैं, जिनमें 14.16 लाख मरीज संक्रमण से उबर गये हैं. वहीं, महामारी से कुल 25,103 लोगों की मौत हुई है.

दिल्ली सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं की मजबूती के लिए एनजीओ की मदद लेगी

दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप के बढ़ते मामलों के मद्देनजर स्वास्थ्य सुविधाएं और मानव संसाधन मजबूत करने के लिए गैर सरकारी संस्थाओं की सेवा लेने की प्रक्रिया में जुटी हुई है.

एक आधिकारिक दस्तावेज के मुताबिक, ‘तीन डीसीएचसीएस (सावन कृपाल आश्रम ; सरदार पटेल, छतरपुर और संत निरंकारी, बुराड़ी) तथा आयुर्वेदिक एवं यूनानी तिब्बिया हॉस्पिटल के लिए मानव संसाधन मुहैया करने को लेकर ‘डॉक्टर्स फॉर यू’ को नियुक्त करने के लिए एक कैबिनेट नोट को मंजूरी के वास्ते रखा गया है.’

दस्तावेज के मुताबिक डॉक्टर्स फॉर यू, पहले से शहनाई बैक्वेट हॉल, कॉमनवेल्थ गेम्स विलेज हॉल, रॉउज एवेन्यू स्कूल और यमुना स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स सहित डीसीएचसीएस के साथ काम कर रहा है.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को कहा था कि चूंकि ओमीक्रोन संक्रमण के ज्यादातर मामलों में अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं है, ऐसे में घर पर पृथक रहने की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है और इसके लिए एक एजेंसी को नियुक्त किया जा रहा है.

share & View comments