मरीजों के टेस्ट के संबंध में सोमवार को अधिसूचित ICMR का नया दिशानिर्देश ऐसे समय पर आया है जब डॉक्टरों के बीच कोविड संक्रमण तेजी से बढ़ा है. अकेले दिल्ली में छह प्रमुख अस्पतालों के करीब 750 डॉक्टर कथित तौर पर कोविड से संक्रमित हैं.
अग्रवाल ने बताया कि उच्च सकारात्मक दरों वाले राज्य जिनमें 22.39% की सकारात्मकता दर के साथ महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल 32.18%, दिल्ली 23.1% और यूपी 4.47% हैं.
डॉक्टरों की मांगें हैं कि SMO के पदों पर डायरेक्ट भर्ती न की जाए. मेडिकल सर्विसेज में स्पेशियलिटी काडर बनाया जाए और हरियाणा स्टेट मेडिकल कॉलेजों में पीजी में एडमिशन के लिए सर्विस डॉक्टरों के लिए रिजर्वेशन की व्यवस्था की जाए.
वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी के अधिकारी ने चेताया है कि इस बात के 'साक्ष्य बढ़ रहे हैं' कि ओमीक्रॉन प्रतिरक्षा शक्ति से बच निकल सकता है लेकिन अन्य स्वरूपों की तुलना में इससे बीमारी की गंभीरता कम है.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि उपचाराधीन मरीजों का प्रतिशत संक्रमण के कुल मामलों का 2.65 प्रतिशत हैं जबकि कोविड-19 से स्वस्थ होने की राष्ट्रीय दर घटकर 96.01 प्रतिशत हो गई है.
सरकारी गाइडलाइन के मुताबिक कोविड 19 पाए जाने पर डॉक्टर्स को 7 दिन का क्वारेंटाइन की अनुमति दी जा सकती है लेकिन फरीदाबाद के ईएसआईसी हॉस्पिटल ने सर्कुलर जारी कर इसे तीन दिन कर दिया है.
भार्गव ने कहा था कि दवा लेने के बाद तीन महीने तक पुरुष और महिलाओं-दोनों को गर्भ निरोधक उपाय अपनाने चाहिए क्योंकि भ्रूण विकार संबंधी स्थिति के प्रभाव के बीच पैदा हुआ बच्चा समस्या से ग्रस्त हो सकता है.
एनसीपीसीआर ने मांग की है कि मोहल्ला क्लीनिक के अधिकारियों पर जरूरी कार्रवाई की जाए और लापरवाही के सभी मामलों में 5 दिन के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश की जाए.