Thursday, 26 May, 2022
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मोहल्ला क्लीनिक में हुई लापरवाही पर NCPCR ने मांगी दिल्ली सरकार से रिपोर्ट, BJP ने कहा- मौत के क्लीनिक

एनसीपीसीआर ने मांग की है कि मोहल्ला क्लीनिक के अधिकारियों पर जरूरी कार्रवाई की जाए और लापरवाही के सभी मामलों में 5 दिन के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश की जाए.

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नई दिल्ली: नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (एनसीपीसीआर) ने दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिक में हो रही मेडिकल लापरवाही को लेकर राज्य सरकार को पत्र लिखा है.

एनसीपीसीआर ने मांग की है कि मोहल्ला क्लीनिक के अधिकारियों पर जरूरी कार्रवाई की जाए और लापरवाही के सभी मामलों में 5 दिन के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश की जाए.

एनसीपीसीआर ने एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लिया जिसके अनुसार बीते दिनों दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिक में डेक्स्ट्रोमेथोर्फन सिरप देने से एक कम उम्र की लड़की की तबियत खराब हो गई, जिसके बाद उसे कलावती सारन अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. फिलहाल लड़की की स्थिति ठीक है.

बता दें कि डॉयरेक्ट्रेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज ने नोटिस जारी कर सभी डिस्पेंसरी और मोहल्ला क्लीनिक को कहा था कि वो डेक्स्ट्रोमेथोर्फन सिरप को चार साल से कम उम्र के बच्चों को न दें.

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एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल सितंबर में दिल्ली स्थित कलावती सारन अस्पताल में इसी सिरप के पीने से तीन बच्चों की मौत हो गई थी, जिसे मोहल्ला क्लीनिक द्वारा सुझाया गया था.

बच्चों की मौत पर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने तीन डॉक्टरों को नौकरी से निकाल दिया था और मामले की जांच के आदेश भी दिए थे.

गौरतलब है कि एंटी-एलर्जी दवाओं के साथ मिलाने पर डेक्स्ट्रोमेथोर्फन युक्त कफ सिरप दुष्प्रभाव पैदा कर सकते हैं. दवा की ज्यादा मात्रा में खुराक लेने से अनिद्रा, बेचैनी, चक्कर आना, उथली सांस लेना और दस्त हो सकते हैं.


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5 दिन में जमा करे तथ्यात्मक रिपोर्ट

एनसीपीसीआर ने अपने पत्र में लिखा कि डेक्स्ट्रोमेथोर्फन सीरप के कारण 16 बच्चों को पहले भी कलावती सारन अस्पताल में भर्ती कराया गया था जिनमें से 3 की मौत हो गई थी.

एनसीपीसीआर ने कहा कि इस मामले पर दिल्ली सरकार से 15 दिन में रिपोर्ट पेश करने को कहा गया था लेकिन अभी तक इस पर कोई भी एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) नहीं दी गई है. एनसीपीसीआर ने कहा कि फिर से इस तरह का एक मामला सामने आया है.

एनसीपीसीआर ने कहा कि दिल्ली सरकार के मोहल्ला क्लीनिक की लापरवाही के मद्देनज़र, इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग मामले से संबंधित अधिकारियों पर जरूरी कार्रवाई और इस जैसे सभी मामलों में 5 दिन के अंतर तथ्यात्मक रिपोर्ट की मांग करता है.


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भाजपा ने मांगा स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन का इस्तीफा

बता दें कि दिल्ली में चल रहे मोहल्ला क्लीनिक अरविंद केजरीवाल सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं में से है. लेकिन मोहल्ला क्लीनिक से आ रही लापरवाही की खबरों ने राजनीतिक रंग लेना भी शुरू कर दिया है.

10 जनवरी को दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि मोहल्ला क्लीनिक ‘मौत के क्लीनिक’ बन चुके हैं. गुप्ता ने लापरवाही के मामलों की न्यायिक जांच की मांग की और स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन का इस्तीफा मांगा.

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद जय हिंद ने ट्वीट कर कहा, ‘क्या स्वास्थ्य मंत्री को इसकी जवाबदेही नहीं लेनी चाहिए?’

वहीं दिल्ली भाजपा ने ट्वीट कर कहा, ‘मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी, आप इस आपराधिक लापरवाही पर सतेंद्र जैन पर कब कार्रवाई करेंगे.’


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