भारत की नियामक अथॉरिटीज़ ने ज़ाइडस लाइफ साइंसेज़ (जो पहले कैडिला हेल्थकेयर नाम से जानी जाती थी) की ज़ाइकोव-डी को 12 वर्ष से बड़े बच्चों के लिए स्वीकृति दे दी है लेकिन वैक्सीन अभी देश के बाज़ार में नहीं आई है.
रसायन और उर्वरक मंत्री मनसुख मंडाविया का कहना है कि यह कदम भारत को प्रमुख दवाओं की मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा. अभी तक अधिकांश कच्चा माल चीन से आयात किया जाता था.
नपुंसकता के पीछे के कारण सार्स-सीओवी-2 द्वारा पुरुष जननांगों की रक्त धमनियों तथा शुक्र ग्रंथियों को पहुंचा नुक़सान, और महामारी से जन्मे मनोवैज्ञानिक तनाव भी हो सकते हैं.
वर्तमान में, देश में स्वास्थ्य सेवा और अग्रिम पंक्ति के कर्मियों तथा 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को कोविड-19 रोधी टीके की एहतियाती खुराक दी जा रही है.
उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 16,741 हो गई है जो 702 दिनों में सबसे कम है और कुल मामलों का 0.04 प्रतिशत है. राष्ट्रीय स्तर पर कोविड-19 से स्वस्थ होने की दर 98.75 प्रतिशत है.
अगले वीकेंड तक बांग्लादेश में एक चुनी हुई सरकार बन जाएगी. यह भारत के लिए मौका है कि वह चुनाव वाले पश्चिम बंगाल और असम में ‘घुसपैठिया’ वाली भाषा को नरम करके बिगड़े रिश्तों को फिर से ठीक करे.