विशेषज्ञों का दावा है कि भारत एक ऐसे दुष्चक्र में फंस गया है जहां कुपोषित बच्चियां बड़ी होकर कुपोषित मां बन जाती हैं और फिर कुपोषित शिशुओं को जन्म देती हैं.
विश्व स्तर पर कई अस्पतालों में इस्तेमाल किए जाने वाला यह ट्रीटमेंट गट बैक्टीरिया को बहाल करता है और आंत व पेट के स्वास्थ्य में सुधार लाता है. केरल का एक इंस्टीट्यूट शराब की वजह से होने वाले हेपेटाइटिस के इलाज में इसका नियमित इस्तेमाल कर रहा है.
महिलाएं सबसे बड़ी अंगदाता हैं लेकिन पुरुषों की तुलना में जीवन रक्षक सर्जरी करवाने की उनकी संभावना कम होती है. डॉक्टरों का कहना है कि उत्तर भारत में लिंग से संबंधी यह अंतर अधिक स्पष्ट रूप से दिखता है.
फार्मा दिग्गज ब्रिस्टल मायर्स स्क्विब और पार्टनर 2सेवेंटी बायो का कहना है कि उन्होंने इलाज का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है. इसका मकसद मरीज के इम्यून सिस्टम को बेहतर तरीके से काम करने के लिए प्रोत्साहित करना है.
इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टीटूट्स (ICAR) द्वारा विकसित एक टीका, लंपी प्रोवैक- 2, मवेशियों में होने वाले लंपी स्किन रोग को रोकने में प्रभावी पाया गया और अब यह व्यावसायिक तौर पर लॉन्च के लिए तैयार है.
कोविड टेस्ट के भुगतान के लिए 440 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है. अधिकारियों का कहना है कि इन टेस्ट को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत शामिल किया गया, जब उनकी लागत कुछ हजार थी और पहुंच कम थी.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने नर्सों के काम की स्थितियां सुधारने के लिए मसौदा दिशानिर्देश जारी किए हैं और अगले एक महीने में आम लोगों तथा हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए हैं.
डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने पिछले हफ्ते कहा था कि जो पुरुष कई पुरुष भागीदारों के साथ शारिरिक संबंध रखते हैं, उनके संक्रमित होने का खतरा ज्यादा है. हालांकि संगठन ने बाद में साफ कर दिया कि मंकीपॉक्स का जोखिम सिर्फ समलैंगिक पुरुषों तक ही सीमित नहीं है.
डॉ. रोहन ने कहा कि, 'हमें यह ध्यान रखना है कि स्किन पर जो दाने होते हैं, जख्म होते हैं इससे जो डिस्चार्जेज (बहना) होते हैं उसके संपर्क में आने से यह दूसरों में भी फैल जाता है.'