सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि रक्त समूह ‘ओ’ वाले लोग संक्रमण के प्रति कम संवेदनशील हो सकते हैं, जबकि 'बी' और 'एबी' रक्त समूह वाले लोग अधिक जोखिम में हो सकते हैं.
मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मनोहर अगनानी ने कहा कि 447 प्रतिकूल मामलों में सिर्फ तीन में टीका लगवाने वाले व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ी है.
हर्षवर्द्धन ने बताया कि टीकाकरण अभियान के तीसरे चरण में 50 वर्ष से ऊपर के लोगों को टीका लगाया जायेगा और चौथे चरण में 50 वर्ष से नीचे आयु के लोगों का टीकाकरण होगा.
भारत में करीब एक करोड़ लोगों के संक्रमित होने और 1,52,093 लोगों की मौत के बाद देश ने ‘कोविशील्ड’ और ‘कोवैक्सीन’ टीके के साथ महामारी के खिलाफ कदम उठाया है.
जिन 11 राज्यों और केंद्रशासित में कोविशील्ड और कोवैक्सीन दोनों टीके लगाये गये वे असम, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश हैं.
महाराष्ट्र में पहले दिन 28,500 फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं का टीकाकरण होने की उम्मीद है जबकि यूपी में 31,700 से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मियों को टीके की खुराक मिल सकती है.
दिल्ली में शनिवार को कोविड-19 टीकाकरण अभियान शुरू हुआ. महामारी के खिलाफ जंग में अग्रिम मोर्चे पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों को सबसे पहले टीके लगाए जा रहे हैं.
यह घटना एक असहज लेकिन संवैधानिक रूप से सामान्य बात को सामने लाती है: जम्मू-कश्मीर में हिंदू अल्पसंख्यक हैं. उनकी सुरक्षा क्षेत्रीय है, न कि "सभ्यतागत."