जब वरिष्ठ नागरिकों और कोमोर्बिडिटी के शिकार 45 से 60 वर्ष की उम्र के लोगों को वैक्सीन लगेगी तो टीके लगने के बाद इसके प्रतिकूल असर का संभावित खतरा बढ़ सकता है.
कुछ ऐसे राज्य जिन पर बोझ ज़्यादा है, संचयी टीकाकरण के मामले में तो अच्छा कर रहे हैं, लेकिन प्रति दस लाख पर टीकों की संख्या, और ऊंचे मृत्यु अनुपात के मामलों में, वो निचली रेंज में हैं.
महाराष्ट्र के पालघर के अधिकारियों ने कोरोनावायरस संक्रमण के हालात के मद्देनजर जिले में 25 फरवरी तक साप्ताहिक बाजारों पर और बड़े स्तर पर वैवाहिक समारोह पर रोक लगा दी है.