बढ़ते कोविड के मामलों को देखते हुए एक ओर जहां केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव 11 राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ जहां बैठक कर रहे हैं वहीं महाराष्ट्र और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी आज आपात बैठक बुलाई है.
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दुर्ग, राजनांदगांव और रायपुर, जो कि महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की सीमा से लगे हैं, इन्हीं तीनों जिलों में 15,029 मामले हैं - जो कुल सक्रिय मामलों के लगभग 70 प्रतिशत हैं.
ज़ायडस कैडिला ने शीशियों में क्रिस्टलीकरण, यानी दाने बनने की शिकायतों के चलते, हर्पीज़ संक्रमण के इलाज में दिए जाने वाले इंजेक्शन, और एलेम्बिक फार्मास्यूटिकल्स ने लेबलिंग की ग़लती के चलते, हाई बीपी की अपनी दवा वापस मंगा ली है.
छत्तीसगढ़ सरकार का कहना है कि इन गांवों में फैली क्रोनिक किडनी डिसीज़ (सीकेडी) के कारणों का पता लगाने का निरंतर प्रयास जारी है लेकिन इसका कोई एक कारण अब तक सामने नहीं आया है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत में 6 करोड़ से अधिक टीकाकरण किया जा चुका है. पिछले एक दिन में महाराष्ट्र में संक्रमण के 40,414 नए मामले सामने आए जो कि सबसे ज्यादा थे.
देशभर में कई स्कूल और कॉलेज फिर से खुलने के बाद कोविड क्लस्टर के तौर पर उभरे हैं. मामले फिर से बढ़ने के बाद कई राज्यों ने एक बार फिर स्कूल बंद कर दिए हैं.
महामारी की शुरुआत से ही लुधियाना, पंजाब के पांच सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले ज़िलों में रहा है. औद्योगिक ज़िले में अभी तक 1,103 मौतें दर्ज हो चुकी हैं.