अमेरिका में बीते कुछ महीनों से कोरोनावायरस के मामलों में कमी आ रही है लेकिन टीकाकरण की धीमी गति के मद्देनजर चिंता जताई जा रही है कि डेल्टा स्वरूप यहां फिर से कहर बरपा सकता है.
इलाज करा रहे मरीजों की संख्या कम होकर 8,26,740 रह गयी है जो संक्रमण के कुल मामलों का 2.78 प्रतिशत है जबकि कोविड-19 से उबरने वाले लोगों की राष्ट्रीय दर 95.93 फीसदी है.
पहले से ही कोविड वैक्सीन का उत्पादन शुरू कर चुके सीरम इंस्टीट्यूट की तरफ से नोवावैक्स के भारतीय वर्जन कोवोवैक्स का टेस्ट 20 शहरों में 1,400 वालंटियर पर किया जाएगा.
पारस अस्पताल का कहना है कि 'मॉक ड्रिल' से कोई मौत नहीं हुई, जबकि आगरा के अधिकारियों का कहना है कि उस समय ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं थी. वहीं, परिजनों ने इलाज में लापरवाही की शिकायत दर्ज कराई है.
मोदी सरकार की शंकाएं इस बात से पैदा हो रही हैं, कि पिछले दो हफ्तों में रोज़ाना के मामले तक़रीबन आधे रह गए हैं, लेकिन रोज़ाना हो रही मौतें उस अनुपात में नहीं घटी हैं.
केजरीवाल ने कहा कि महामारी की तीसरी लहर के दौरान जब भी उनकी सेवाओं की आवश्यकता होगी, स्वास्थ्य सहायकों को बुलाया जाएगा. जितने दिन वे काम करेंगे, उनके हिसाब से उन्हें भुगतान किया जाएगा.
प्रमुख सरकारी और निजी अस्पतालों के कई डॉक्टरों की टिप्पणी बाजारों से उन तस्वीरों के सामने आने पर आयी है जिनमें देखा जा सकता है कि लोग कोविड संबंधी उपयुक्त व्यवहार नहीं कर रहे.