scorecardresearch
Monday, 16 March, 2026
होमफीचर

फीचर

मथुरा में एक ही परिवार के 5 सदस्यों की मौत का कौन है जिम्मेदार

मथुरा के एक गांव में एक ही परिवार के पांच सदस्य, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल थे, मृत पाए गए. उनके पीछे अलग-अलग बातें और कई ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब नहीं मिले हैं.

मेरठ में अंतरधर्म शादी पर विवाद, दलित दुल्हन और मुस्लिम दूल्हे की सगाई से पहले FIR

मुस्लिम दूल्हे के खिलाफ दर्ज एफआईआर ने उन दो परिवारों को, जो एक हफ्ते पहले तक जश्न मना रहे थे, अब अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता में डाल दिया है.

डेरा सच्चा सौदा का ‘रे ऑफ होप’ कैंपेन, राम रहीम को बताया विधवाओं का मसीहा

‘रे ऑफ होप’ कैंपेन गुरमीत राम रहीम सिंह की पैरोल खत्म होने से कुछ दिन पहले आया है. उसे 5 जनवरी को जेल से रिहा किया गया था.

मिलिए उन वेंचर कैपिटलिस्ट्स से जो भारत की AI लहर को आगे बढ़ा रहे हैं

VCs का एक छोटा लेकिन बढ़ता हुआ ग्रुप भारत के AI बूम को फंड कर रहा है, और ऐसे मार्केट में पैसा लगा रहा है जिन्हें बताया नहीं गया है. ‘असली खतरा रैपर को बिज़नेस समझने में है.'

तमिलनाडु में भारत की इकलौती डार्क फैक्ट्री—जहां रोबोट रातभर काम करते हैं और इंजीनियर बाहर रहते हैं

कांचीपुरम में सेमीकंडक्टर यूनिट पॉलीमेटेक की फैक्ट्री में रोबोटिक हाथों की सरसराहट, इलेक्ट्रॉनिक बीप और लूप में बजती गणेश की प्रार्थना ही एकमात्र आवाज़ है.

मांग में इजाफे के बावजूद बिहार का मखाना उद्योग आगे क्यों नहीं बढ़ पा रहा है

2022-2025 के बीच, मखाना की खेती का एरिया हर साल 27-28 हज़ार हेक्टेयर के बीच रहा, और प्रोडक्शन लगभग 58.8 मीट्रिक टन रहा.

यूपी से ओडिशा तक किसानों की कैसे कमाई बढ़ा रहा सोलन का मशरूम ‘बैंक’

देशभर के किसान और उद्यमी प्रशिक्षण के लिए ICAR–डायरेक्टरेट ऑफ मशरूम रिसर्च पहुंच रहे हैं. महाराष्ट्र का एक ट्रेनी महीने की 10,000 रुपये की कमाई से बढ़कर 75 करोड़ रुपये के टर्नओवर तक पहुंच गया.

कबड्डी, कबड्डी, कबड्डी—पंजाब की खूनी कबड्डी की कहानी

पंजाब ने एक समय कबड्डी को ग्लोबल स्टेज पर पहुंचाया था. इसमें वर्ल्ड कप और प्रोफेशनल लीग में निवेश किया गया था। आज, खिलाड़ी मेडल के बारे में कम बात करते हैं और अपनी जान की ज़्यादा चिंता करते हैं.

बिहार में गंगा नदी पर बना फ्लोटिंग हाउस क्या जलवायु परिवर्तन को दे पाएगा मात

आरा में कुमार प्रशांत का प्रयोगात्मक तैरता गांव राहत पर आधारित सोच से हटकर लंबे समय की मजबूती की दिशा में कदम है. उनके कम लागत वाले उभयचर घर बाढ़ का पानी बढ़ने पर ऊपर उठ जाते हैं.

बिहार में सबसे ज्यादा सक्रिय क्यों है सवर्ण आयोग, मंडलवाद से खुद को ठगा महसूस कर रहे सवर्ण

नीतीश कुमार सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले बिहार के सवर्ण आयोग को फिर से सक्रिय किया. यह उन जाति समूहों के लिए ‘उम्मीद की किरण’ है, जो महत्वाकांक्षी अखिल भारतीय जाति जनगणना से पहले संगठित हो रहे हैं.

मत-विमत

अवामी लीग को तुरंत नए नेतृत्व की ज़रूरत, लेकिन वह इसे गलत जगहों पर ढूंढ रही है

अवामी लीग को अभी इस सवाल का जवाब नहीं चाहिए कि हसीना के बाद कौन होगा या यह बहस कि हसीना को बांग्लादेश लौटना चाहिए या नहीं, बल्कि ज़मीन पर नया नेतृत्व चाहिए.

वीडियो

राजनीति

देश

भाजपा मतुआ समुदाय से नागरिकता का अधिकार छीनना चाहती है : ममता बनर्जी

कोलकाता, 16 मार्च (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर मतदाता सूची संशोधन...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.