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Sunday, 12 April, 2026
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JPSC से JSSC — झारखंड में सरकारी नौकरी का मतलब : भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी, परीक्षा में देरी और अदालतों के चक्कर

21 सालों में जेपीएससी ने सिर्फ 13 परीक्षाएं आयोजित की हैं, जबकि इसे सालाना आयोजित किया जाना चाहिए. ऐसी एक भी सिविल सेवा परीक्षा नहीं हुई है, जिसका मसला अदालत में न गया हो.

‘विंटेज वाइब’ वाला अक्षरा थिएटर दिल्ली के लिए खज़ाना है, यह छोटे कलाकारों की लाइफलाइन है

रंगमंच के सितारे गोपाल शरमन और जलाबाला वैद्य ने अक्षरा थिएटर को अपने हाथों से बनाया है — सचमुच. आज यह जिस संघर्ष का सामना कर रहा है, वह दिल्ली के रंगमंच परिदृश्य में बड़े अस्तित्वगत संकट का एक छोटा-सा रूप है.

हरियाणा कैसे बन रहा — गौरक्षकों और धार्मिक उन्माद के अपराधों का गढ़

टोल बूथ के मुखबिरों से लेकर इंस्टाग्राम योद्धाओं और चुनाव उम्मीदवारों तक — हरियाणा के गौरक्षक धर्म, कानून और राजनीति के बीच की रेखाओं को धुंधला कर रहे हैं और अपने पीछे अराजकता फैला रहे हैं.

सत्व, रजस, तमस — प्राचीन आयुर्वेदिक खाद्य वर्गीकरण किस तरह मांस की राजनीति से जुड़ गया

दिल्ली के आईआईसी में एक व्याख्यान के दौरान जेएनयू की प्रोफेसर आर महालक्ष्मी ने कहा कि समय के साथ सात्विक और तामसिक जैसे शब्दों के अर्थ बदल गए हैं. अब ‘हम सिर्फ भोजन को ही नहीं बल्कि खाने वालों को भी देख रहे हैं’.

डगमगाते संस्थान, सिकुड़ती आलोचना, जोखिम न लेना: कैसे बदल रही है हिंदी साहित्य की दुनिया

हिंदी साहित्य में प्रेमचंद, निराला और निर्मल वर्मा जैसे महान लेखकों का बोलबाला है. ओमप्रकाश वाल्मीकि और तुलसीराम जैसी दलित-बहुजन आवाज़ों ने यथास्थिति को हिलाकर रख दिया, लेकिन अभी भी एक नए सिद्धांत की कमी है.

दिल्ली के उर्दू बाज़ार की रौनक हुई फीकी; यहां मंटो और ग़ालिब नहीं, बल्कि मुगलई बिकता है

1970 के दशक में उर्दू बाज़ार में 50 से ज़्यादा किताबों की दुकानें थीं, लेकिन अब सिर्फ 5 ही बची हैं. बाज़ार अपना अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है. यह उर्दू प्रिंटिंग, प्रकाशन और कविताओं के युग का आखिरी दौर है.

तड़के 4 बजे रिपोर्टिंग, इंतज़ार, कोई डॉक्टर नहीं — झारखंड SSC एस्पिरेंट्स ने मौत से पहले क्या झेला

पीड़ितों के परिवारों का आरोप है कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग से किसी ने भी उन्हें मौत के बारे में जानकारी नहीं दी.

‘दुख है कि हमने अपने भाई को मार डाला’ — फरीदाबाद के गौरक्षक को ब्राह्मण की हत्या का ‘अफसोस’

फरीदाबाद में गौरक्षकों द्वारा मारे गए 12वीं के छात्र आर्यन मिश्रा के पिता ने कहा कि गौरक्षा के नाम पर अवैधता बंद होनी चाहिए. आरोपी अनिल कौशिक से मिलने के बाद उन्होंने कहा, ‘मैं इसका समर्थन नहीं करता’.

‘हरियाणा के लोग दिल्ली से अच्छे’ — गोमांस खाने के शक में राज्य में मुस्लिम व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या

हरियाणा के हंसवास खुर्द गांव में गोमांस खाने के आरोप में भीड़ द्वारा 25-वर्षीय युवक की पीट-पीटकर हत्या किए जाने के बाद साथी प्रवासी मज़दूरों ने असम और बंगाल लौटने का फैसला किया है. ‘पुलिस हमें यहां कब तक बचा सकती है?’

लर्निंग हुई और मज़ेदार — गाजियाबाद की आंगनवाड़ी को मिला डिजिटल बोर्ड

गाजियाबाद के मोरटी गांव में माता-पिता से लेकर स्टूडेंट्स तक — आंगनवाड़ी केंद्र संख्या 1 और 2 पर लगे डिजिटल बोर्ड के बारे में अधिक जानना चाहते हैं जो उनसे बातें करता है.

मत-विमत

दुनिया तेजी से बदल रही है—भारत को खुद को सुधारना, मजबूत करना और आर्थिक ताकत बढ़ानी चाहिए

आज निरंतर बदलती विश्व व्यवस्था भारत के लिए एक मौका उपलब्ध करा रही है जिसका लाभ उठाने के लिए उसे खुद को अनुशासित रखना होगा ताकि पाकिस्तान जब अपने लिए मौका देख रहा है तब हम हड़बड़ी में कोई प्रतिक्रिया न कर बैठें.

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राजनीति

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ज्योतिबा फुले की द्विशताब्दी: दो साल का राष्ट्रव्यापी समारोह शुरू हुआ

नयी दिल्ली, 11 अप्रैल (भाषा) सरकार ने शनिवार को समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.