आज के जॉब मार्केट में, जहां कर्मचारियों को कुछ ही मिनटों में नौकरी से निकाला जा सकता है और AI-आधारित ऑटोमेशन हर साल भूमिकाओं को नया रूप दे रहा है, करियर के मध्य चरण में मौजूद पेशेवर लगातार सीखते रहने का संकल्प लेकर इसका जवाब दे रहे हैं.
शिवमोग्गा परिवार के लिए, उस मनहूस दिन के बाद से सब कुछ थम-सा गया है. अब न तो रातें लंबी लगती हैं, न ही मनाने के लिए कोई त्योहार बचा है, और न ही कोई मंजूनाथ है जो सबको हंसा सके.
ASI के मशहूर इंस्टीट्यूट ऑफ आर्कियोलॉजी का नोएडा में फैला हुआ नया कैंपस, 'नए भारत' की एक मिसाल बनने वाला था. सात साल बीत चुके हैं लेकिन यहां के संसाधनों का ठीक ढंग से इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है.
जॉन मेयर के लिए ओपनिंग करने वाले एबडॉन मेच से लेकर मोको कोज़ा के 'पाताल लोक' ट्रैक 'अलादीन' तक—नागालैंड के संगीतकार अब अपनी पहचान बना रहे हैं. उनका अपना मौलिक अंदाज़, इंडी लेबल और राज्य सरकार का सहयोग मिलकर इसे 'संगीत की धरती' बना रहे हैं.
भारत में दलित साहित्य आमतौर पर आंबेडकर-फुले की क्रांतिकारी विरासत और मराठी की बेबाक आत्मकथाओं से जुड़ा रहा है. अब पंजाबी-दलित कहानियों का एक नया अनुवाद जाति को उस रूप में दिखाता है, जिस तरह पंजाब उसे जीता है.
दो नौजवानों—अली मोहम्मद भट और मोहम्मद मकबूल भट—को ‘मुखबिर’ होने के आरोप में मार दिया गया. उनकी बिना निशान वाली कब्रों पर कोई रस्में अदा नहीं की गईं. न ही कोई शहादत मार्च निकला और न ही कोई मौखिक इतिहास रचा गया.
गाज़ियाबाद की 'फॉर्च्यून रेजिडेंसी' के एक निवासी ने कहा, 'इन गेटेड सोसाइटियों में मंदिर अब सत्ता का एक नया केंद्र बन गए हैं. हम तो बस पारदर्शिता चाहते हैं, फिर सत्ता चाहे किसी के भी हाथ में हो.'
भारत के ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए जो भ्रम की स्थिति पहले से थी, वह 2026 के संशोधन के बाद और बढ़ गई है, जिसे लेकर कई लोग कह रहे हैं कि अब कागजी कार्रवाई की सरकारी मुश्किलें एक कभी खत्म न होने वाली और बेहद थकाऊ प्रक्रिया बन सकती हैं.
कश्मीरी छात्र 2000 के शुरुआती सालों से MBBS के लिए पाकिस्तान जाने लगे. पाकिस्तान ने कश्मीर के छात्रों के लिए खास कोटा दिया, जिसमें रहने और पढ़ाई का खर्च शामिल था.
मोदी सरकार अरविंद केजरीवाल के साथ जो कर रही है, वह गलत है. लेकिन क्या मोदी सरकार कभी अस्तित्व में आती, अगर केजरीवाल और उनके 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन ने UPA को तबाह न किया होता?