जगह, पानी, साफ हवा और उपजाऊ मिट्टी की कमी से जूझती दिल्ली अब हज़ारों छोटे बागानों वाला शहर बनना चाहती है. शहरी माली अब फूल-पौधों से लेकर फल-सब्ज़ियां तक उगा रहे हैं.
दलित आईटी इंजीनियर कविन सेल्वगणेश की हत्या की परिस्थितियां तमिलनाडु में पहले भी देखे गए एक पैटर्न को दोहराती हैं. अब एक और परेशान करने वाला चलन सामने आ रहा है.
प्राडा अब महाराष्ट्र के कोल्हापुर के पास स्थित हुपरी के चांदी की पायल बनाने वाले कारीगरों के साथ साझेदारी पर ‘विचार’ कर रहा है. चांदी के दाम बढ़ने और पायल के फैशन से बाहर होने के बीच, कारीगर उम्मीद कर रहे हैं कि यह फैशन रैंप के जरिए दोबारा लोकप्रिय हो सकेगी.
क्लब का नाम बदलकर ‘डीडीए रोशनारा क्लब’ कर दिया गया. और इसने अपने खास और ईलीट को भी छोड़ दिया है. अब यह संघ, जो पहले केवल उत्तर दिल्ली के चुनिंदा सदस्यों तक सीमित था, सभी के लिए खुला है.
भारत में बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (BRTS) शहरी योजना की ‘कॉपी-पेस्ट’ सोच के महंगे और नाकाम उदाहरण बन गए हैं. जयपुर और पुणे में इन्हें हटाया जा रहा है, जबकि हुब्बल्ली-धारवाड़ में इसके विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं.
दिल्ली जैसे शहरों में टू-स्ट्रोक बाइकों का दौर कब का ढल चुका है, लेकिन बेंगलुरु में ये आज भी एक खास दीवानगी को ज़िंदा रखे हुए हैं. "जिन्हें असली शौक होता है, वही इसमें उतरते हैं."
दिल्ली में नई बीजेपी सरकार खुद को डीटीसी का रक्षक बता रही है. चार महीने में 400 देवी बसें सड़कों पर उतारी गई हैं, डिपो को बेहतर किया गया है और नए रूट बनाए जा रहे हैं.
कोल्हापुरी चप्पलें लंबे समय से कम मांग और घटती कारीगर संख्या से जूझ रही हैं. अब सांस्कृतिक चोरी का एक मामला इस पारंपरिक शिल्प को दोबारा ज़िंदा करने का मौका दे रहा है.
स्क्रूवॉर्म ने दशकों में पनामा में बनाई गई जैविक दीवार को तोड़ दिया है. यह कीड़ा लगातार उत्तर की ओर बढ़ रहा है—जिसमें ट्रंप की कमजोर विदेश नीति मदद कर रही है.
जयपुर, 29 अगस्त (भाषा) राजस्थान की मौजूदा सोलहवीं विधानसभा का चौथा सत्र सोमवार से शुरू होगा। अधिकारियों ने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी...