तुलसी में ज़्यादातर कंटेंट क्रिएटर्स लॉग ऑफ कर चुके हैं और वापस खेतों, फैक्ट्रियों या बेरोज़गारी में लौट गए हैं. कम होते व्यूज़, आपसी मतभेद और शॉर्ट-फॉर्म वीडियो के साथ खुद को ढाल न पाने की वजह से यह गिरावट आई.
कार्यकर्ता रुद्राणी छेत्री ने कहा, ‘किन्नर और हिजड़ा समुदाय आमतौर पर गरिमा गृह नहीं आते. अगर यह कानून लागू हुआ, तो जो लोग हमारे पास आते हैं, उनमें से ज्यादातर की हम मदद नहीं कर पाएंगे.’
“समस्या यह है कि एक पैरेलल सिस्टम बन गया है. जहां भी मुझे पोस्ट किया जाएगा, मुझे इसके खिलाफ लड़ना होगा, बिना किसी समर्थन के,” रिंकू सिंह रही ने दिप्रिंट को बताया.
कांग्रेस, AAP और अब बीजेपी ने चारदीवारी वाले शहर को फिर से बेहतर बनाने का वादा किया. रीडेवलपमेंट एजेंसी एसआरडीसी के तहत, यह दिल्ली का सबसे पुराना राजनीतिक वादा है और सबसे लंबे समय से अधूरा काम भी.
यंग एडल्ट्स के लिए लिखी जा रही किताबें लंबे समय से टीनएजर्स के लिए पढ़ने की कमी को पूरा कर रही हैं. ये किताबें उन टीनएजर्स तक पहुंच रही हैं जो अपनी पहचान, रिश्तों और इस उम्र की चुनौतियों से गुजर रहे हैं. इसी वजह से इनकी कॉपियां और बिक्री दोनों बढ़ रही हैं.
थाईलैंड में अंपायरिंग से लेकर BCCI की मंज़ूरी और फिर ICC पैनल तक—मुज़फ़्फ़रनगर के 61 वर्षीय इस शख़्स के लिए यह एक लंबा और बेहद कामयाब सफ़र रहा है. और उनका यह सफ़र अभी ख़त्म नहीं हुआ है.
'सिटी लिमिट्स: द क्राइसिस ऑफ़ अर्बनाइज़ेशन' में योगदान देने वाले अरविंद उन्नी ने नए शहरी मॉडल को 'विध्वंस शहर' कहा. उन्होंने कहा कि सरकार ने विस्थापन के लिए शहरी नीतियों को एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया है.