दिल्ली से आगरा का यह एक दिन का दौरा 'राइजिंग स्टार: खिलते चेहरे' नाम की एक गैर-सरकारी संस्था (NGO) ने कराया था. यह संस्था समावेशी यात्रा के ज़रिए दिव्यांग लोगों को सशक्त बनाती है. 2019 में शुरू हुई यह पहल अब तक अपनी 12वीं सुलभ यात्रा पूरी कर चुकी है.
यह केवल वेतन की समस्या नहीं है. आईटी सेवा कंपनियों का पूरा व्यवसाय मॉडल भी सवालों के घेरे में है. टीसीएस ने एआई-संचालित रणनीतियों पर ध्यान देने के लिए 12,000 नौकरियों को खत्म करने की घोषणा की है.
मृदुल तिवारी यह सुनिश्चित करते हैं कि उनके फैंस कभी निराश न हों. बिग बॉस हाउस में अपनी बातचीत के दौरान वे बार-बार ग्रेटर नोएडा का ज़िक्र करते हैं, जिससे उनके शहर के लोग खुद को जुड़ा हुआ महसूस करते हैं.
यह अब वह अर्थव्यवस्था नहीं रही जो शुरुआती दौर में थी. एक लोकप्रिय क्रिएटर ने कुछ साल में पोस्ट के 30,000 रुपये चार्ज करने से बढ़कर 3 लाख रुपये प्रति पोस्ट चार्ज करना शुरू कर दिया है.
केडी अस्पताल में हर महीने 7 से 8 ट्रांसप्लांट सर्जरी होती हैं. लेकिन मृतक दाता से अंगदान की संख्या बहुत कम है. पूरे साल में सिर्फ 6 से 7 ही केस होते हैं.
दिल्ली के सात बायोडायवर्सिटी पार्क—अरावली, नीला हौज, नॉर्दर्न रिज, तिलपत वैली, तुगलकाबाद और कलिंदी—भारत में सफल शहरी वनों के प्रोजेक्ट का एक अनोखा मॉडल बन गए हैं.
ब्लूस्मार्ट के पतन से दिल्ली के पुनर्विक्रय बाज़ार में हज़ारों इलेक्ट्रिक वाहन बाढ़ की तरह आ गए हैं. रीलों में 50,000 रुपए के सस्ते दामों का वादा किया जाता है, विक्रेताओं की भीड़ उमड़ पड़ती है, और शिकायतों का सीधा मतलब होता है, "ले लो या छोड़ दो."
हरियाणा की प्राण वायु देवता योजना के तहत 75 साल से पुराने पेड़ों को हर साल पेंशन दी जाती है ताकि राज्य के इन पुराने दिग्गज पेड़ों की देखभाल हो सके, लेकिन कई पेड़ अब भी इंतज़ार में हैं.
हालांकि यह कानूनन बंद है, देवदासी प्रणाली अभी भी कर्नाटक में बहुत सारी दलित महिलाओं को फंसाए रखती है. एक नया सर्वे और राज्य का कानून देवदासी महिलाओं पर जाति और सेक्सवर्क से जुड़े कलंक दोनों को खत्म करने का लक्ष्य रखता है.
12,000 से ज्यादा लोग बेघर हो गए हैं, और कुछ इलाकों में तो शरणार्थी शिविर भी बाढ़ में डूब गए हैं. पंप लगातार पानी निकाल रहे हैं, डॉक्टर पहुंचे हुए हैं, खाना बांटा जा रहा है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है.
बीजेपी के मुख्यमंत्रियों में क्या गलत हो गया है? कई मुख्यमंत्रियों की ढीली-ढाली सरकार इस सोच से निकलती है कि चुनावी जीत तीन ‘एम’ की वजह से मिली—मोदी, बहुसंख्यकवाद और पैसा.
नयी दिल्ली, 12 जनवरी (भाषा) ‘कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना’ (सीपीसी) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्यालय...