scorecardresearch
Wednesday, 8 April, 2026
होमफीचर

फीचर

हिलसा का नया ठिकाना: कैसे शाकाहारी गुजरात ने संभाला बंगाल का बाजार

गुजरात की नर्मदा नदी में हिल्सा मछली की अचानक बढ़ोतरी ने बंगाल तक सप्लाई चेन को बदल दिया है, जिससे बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के पारंपरिक सोर्स पीछे छूट गए हैं.

कीमतें बढ़ीं, बिज़नेस रुका: डर और नुकसान ने कैसे एशिया के एक बड़े सिल्वर हब में संकट पैदा कर दिया

2025 में चांदी की कीमतें लगभग 160% बढ़ गईं, जिससे राजकोट के ज्वेलरी इंडस्ट्री में पेमेंट, मैन्युफैक्चरिंग और क्रेडिट चेन में रुकावट आ गई.

नेटफ्लिक्स से ऑस्कर तक होमबाउंड का सफर, लेकिन देवरी गांव में आज भी अधूरा है इंसाफ और सुकून का सपना

पर्दे पर चंदन और शोएब को महत्वाकांक्षा और संभावनाएं दी गई हैं — सरकारी नौकरी की तैयारी करते युवा, सिपाही बनने के सपने देखते हुए. हालांकि, हकीकत थोड़ी अलग थी.

17 साल का सफर, एक इंजेक्शन: भारत की डेंगू वैक्सीन DengiAll पर टिकी दुनिया की नज़र

पैनासिया बायोटेक के ऑफिस में DengiAll को लेकर बातचीत में उत्साह साफ दिखता है. 10,000 से ज्यादा लोगों पर मानव परीक्षण पूरे होने के बाद कंपनी अब मंजूरी का इंतज़ार कर रही है.

अनुशासन, प्लेसमेंट और दबाव: चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने टॉप रैंकिंग में कैसे बनाई जगह

रैंकिंग, रिकॉर्ड प्लेसमेंट और सख्त नियमों ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी को भारत की टॉप रैंक प्राइवेट यूनिवर्सिटी बना दिया.

हड़ताल, हिंसा और राष्ट्रीयकरण: कैसे खत्म हुआ कानपुर का गौरवशाली कपड़ा उद्योग

कानपुर की गिरावट के लिए किसे दोषी ठहराया जाए, इस पर सब सहमत नहीं हैं. यहां तक ​​कि RSS समर्थित ट्रेड यूनियन भी 1970 और 1980 के दशक के हड़ताली मज़दूरों को दोष देने में जल्दबाजी नहीं करते.

कोलकाता का प्रिया सिनेमा भद्रलोक का गढ़ है. सत्यजीत रे से लेकर ‘धुरंधर’ तक, हर शो हाउसफुल

बंगाल के 700 सिंगल-स्क्रीन सिनेमाघर घटकर 130 रह गए हैं, लेकिन दक्षिण कोलकाता का प्रिया सिनेमा आज भी हाउसफुल दर्शक खींच रहा है. ‘हमने दशकों से खुद को मार्केट और पोजिशन किया है.’

कर्ज़ ने बिहार की महिलाओं को जकड़ लिया है. माइक्रोफाइनेंस कंपनियां नए दौर की साहूकार बन गईं हैं

बिहार में कभी लोगों के लिए मददगार रहीं माइक्रोफाइनेंस कंपनियां अब कर्ज का जाल बन गई हैं, जो परिवारों को उन्हीं कर्जों में फंसा रही हैं जो उन्हें गरीबी से बचाने के लिए दिए गए थे.

पुरानी दिल्ली का डिलाइट सिनेमा गोलचा, जुबिली और नोवेल्टी से ज्यादा समय तक कैसे टिका रहा

रायज़ादा परिवार ने नेहरू युग से ही पुरानी दिल्ली में सिंगल-स्क्रीन सिनेमा देखने के कल्चर को ज़िंदा रखा है. डिलाइट सिनेमा में आज भी कैश रजिस्टर बज रहे हैं.

ग्लिटर, तिलक और जय श्रीराम — कैसा रहा दिल्ली का सबसे बड़ा भजन क्लबिंग इवेंट

दिल्ली का ‘सबसे बड़ा भजन क्लबिंग इवेंट’ जिसे करीब 5,000 लोगों ने अटेंड किया, जिनमें से कई अपनी बीस की उम्र में थे.

मत-विमत

ममता बनर्जी बनाम शक्तिशाली सिस्टम: असल में बंगाल चुनाव इसी बारे में है

मुख्यधारा मीडिया में लगातार, लगभग एक जैसा नैरेटिव दिखाया जाता है: बंगाल ‘कानूनहीन’, बंगाल ‘हिंसक’, बंगाल ‘अस्थिर’. हर घटना को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता है.

वीडियो

राजनीति

देश

उप्र: उच्च न्यायालय ने नाबालिग से दुष्कर्म मामले में 11 साल जेल में बिताने वाले आरोपी को बरी किया

लखनऊ, सात अप्रैल (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराए जाने पर 11 साल...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.