बेंगलुरू, मैसूरू, दिल्ली, नोएडा और सूरत के स्कूलों का कहना है कि उन्होंने सीबीएसई के साथ अपने आंतरिक मूल्यांकन अभ्यास की डिटेल्स साझा की हैं जिसका इस्तेमाल करके बोर्ड, कोई ‘निष्पक्ष मानदंड’ तैयार कर सकता है.
डीडीएमए ने निर्देश दिया कि 'वैध पहचान पत्र दिखाने वाले किसी भी व्यक्ति/छात्र को परीक्षा में शामिल होने के लिए कर्फ्यू के दौरान आने-जाने की अनुमति होगी.'
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित कई नेताओं ने कोरोनावायरस संक्रमण के बढ़ते खतरों के मद्देनजर सीबीएसई परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की थी.
देश भर में कोविड-19 की दूसरी लहर के बीच, अभिभावक और छात्रों ने परीक्षाओं को रद्द या स्थगित करने की मांग की है. राजनीतिक पार्टियां भी इस मांग में शामिल हो गई हैं.
प्रियंका गांधी ने कहा कि छात्रों की आशंका वाजिब है क्योंकि जानलेवा रोग के साये में परीक्षा देना बच्चों में अनवाश्यक तनाव पैदा करेगा और इससे परीक्षा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की उनकी क्षमता पर भी असर पड़ेगा.
भारत में 185 स्कूल इंटरनेशनल बैकलॉरिएट से संबद्ध हैं. पिछले साल, इस बोर्ड ने 10वीं और 12वीं के छात्रों की परीक्षा रद्द करने का फैसला किया था. इस बार यह एक अलग रुख अपना रहा है.
बांग्लादेश के नए विदेश मंत्री खलील-उर-रहमान के अप्रैल में भारत आने की उम्मीद है. प्रधानमंत्री तारिक रहमान के पद संभालने के बाद ये दोनों देशों के बीच पहला बड़ा हाई-लेवल संपर्क होगा.