आईएनएस विक्रमादित्य की मरम्मत और बदलाव का काम जहां लंबा खिंचता जा रहा है, वहीं विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर लैंड करने की स्थिति 2023 में ही आ पाएगी. इस बीच, नौसैना पायलट सिमुलेटर पर ट्रेनिंग ले रहे हैं.
पैरामाउंट समूह भारत के कल्याणी समूह के साथ मिलकर अपने परिचालन का विस्तार करने के लिए बातचीत कर रहा है क्योंकि कई देशों ने भारत के लिए विशेष रूप से संशोधित एम 4 वाहनों - जो इनका सबसे सक्षम संस्करण है - में अपनी रुचि व्यक्त की है.
विशेषज्ञ भारतीय राजनीतिक नेतृत्व के इस गलत अनुमान, कि चीन नेहरू की 'फॉरवर्ड पॉलिसी' के बदले में कोई सशस्त्र प्रतिक्रिया शुरू नहीं करेगा, को भी भारत के इस युद्ध के लिए तैयार नहीं होने का एक कारक मानते हैं.
भारतीय थल सेना ने एक बयान जारी कर कहा है कि अरुणाचल प्रदेश में शुक्रवार को हुए हादसे से पहले एयर ट्रैफिक कंट्रोल को 'मे डे' कॉल प्राप्त हुआ था जिसमें उसे बताया गया था कि हेलिकॉप्टर में तकनीकी या यांत्रिक खराबी आ गई है.
सशस्त्र बलों में वायु सेना के सहयोग को लेकर एक हिचाकिचाहट थी लेकिन इसे लेकर सबसे ज्यादा आपत्ति इंटेलिजेंस और डिप्लोमैटिक चैनलों की तरफ से जताई गई, जिसमें आईबी के निदेशक और भारत में अमेरिकी राजदूत शामिल थे.
जनरल मनोज पांडे ने खुफिया, निगरानी और टोही (आईएसआर) को सेना की प्राथमिकता वाले क्षेत्र करार दिया जिसमें अग्रिम क्षेत्रों में मोबिलिटी सुविधा बढ़ाना, एआई और एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन शामिल है.
सैन्य इतिहासकार कर्नल एन. एन. भाटिया (सेवानिवृत) कहते हैं कि संरचनात्मक, कमान और साजो सामान से जुड़े समस्याओं ने चीनी हमले का प्रतिरोध करने में बाधा पहुंचाई, फिर भी हमारे सैनिकों ने पूरी वीरता के साथ पहले रक्षा और फिर जवाबी हमले को अंजाम दिया.
रक्षा मंत्रालय ने इसी साल कुछ समय पहले 'आत्मनिर्भरता' वाले रास्ते के जरिए 4 लाख से अधिक क्लोज-क्वार्टर बैटल कार्बाइन खरीदने के लिए भारतीय थल सेना की परियोजना को मंजूरी दी थी.
ट्रेड की भाषा उन लोगों को हाथ की सफाई जैसी लग सकती है, जिनकी ज़िंदगी पर इसके असर पड़ते हैं, लेकिन बिना पूरी जानकारी वाले आंदोलनों को इस पर प्रतिक्रिया तय करने देना एक बड़ी गलती होगी.