बहुत दिनों बाद ऐसी एक्शन कॉमेडी फिल्म आई है जिसके एक्शन सीन याद रह जाएंगे. बॉलीवुड, हॉलीवुड, रजनीकांत-कमल हासन और ब्रूस ली को छूते हुए ये फिल्म बेहतरीन मनोरंजन करती है.
आम लोगों के लिए फिलहाल ‘हेवन’ के दरवाज़े नहीं खोले गए हैं मगर कश्मीर के विशेषकर दक्षिण कश्मीर के हालात को देखते हुए एक सिनेमाघर का खुलना व फ़िल्मों का प्रदर्शित होना एक बड़ी बात है.
आज भी पढ़ी-लिखी लड़कियों के शादी से बाहर निकलने या रहने की व्यवस्था घर के बड़े-बुज़ुर्गों के हाथों में है. कुछ ऐसा ही हाल है तेजप्रताप और एश्वर्या की शादी का.
हिंदीे के प्रख्यात आलोचक नामवर सिंह की मृत्यु से साहित्य जगत में गहरा शोक व्याप्त है. पर नामवर सिंह ने कोई ख़ाली जगह नहीं छोड़ी, उन्होंने अपनी जगह बनायी और उसे बख़ूबी भर दिया. कोई और नामवर सिंह नहीं हो सकता.
ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में भारतीय विश्वविद्यालयों का योगदान अब भी कम है, खासकर जब इसकी तुलना एमआईटी और इम्पीरियल कॉलेज जैसे विदेशी संस्थानों से की जाती है.