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Sunday, 22 February, 2026
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समाज-संस्कृति

‘हिंदी का दुर्भाग्य, उसके पास अच्छे अनुवादक नहीं’- ममता कालिया

कलिंग साहित्य महोत्सव के दौरान कई बड़े मुद्दों पर चर्चा हुई जिनमें से एक विषय था- भारतीय साहित्य और हिंदी: जोड़ती हैं किताबें

मैंने 21 साल देश के लिए फुटबॉल खेला लेकिन कोई नहीं जानता था मैं कौन हूं- पद्मश्री बेमबेम देवी

खेल जगत में महिला सशक्तिकरण पर हुई चर्चा में दूसरी स्पीकर शुचि कुलश्रेष्ठ ने बताया कि वे सैकड़ों परुषओं के बीच अकेली महिला होती हैं. इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि खेल जगत में पितृसत्ता मौजूद है और लंबे समय तक रहेगी.

आध्यात्म कैसे बना महिलाओं की आजादी का रास्ता? कलिंग साहित्य महोत्सव में महिलाओं के मोक्ष पर चर्चा

आध्यात्म और धर्म का रास्ता अक्सर महिलाओं के लिए आजादी का रास्ता भी बना. कलिंग साहित्य महोत्सव में स्त्रियों के गुरुओं से लेकर उनके मोक्ष और मुक्ति पर चर्चा हुई.

मुख्यधारा में कैसे शामिल होंगे हाशिये के लोग? ‘कलिंग साहित्य महोत्सव 2021’ में हुई चर्चा

हाशिये के लोगों पर चर्चा करने के लिए कई स्पीकर मंच पर मौजूद थे जिनमें बालेंदु द्विवेदी, श्री राम शर्मा, रमा पांडे, तारो सिंदिक और मनोरंजन ब्यापरी शामिल थे. इस सत्र में हासिये के लोगों को मुख्यधारा का हिस्सा बनाने पर चर्चा हुई.

ओडिशा में शुरू हुआ कलिंग साहित्य महोत्सव, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत ने ओडिशा को बताया देश का दिल

शुक्रवार 10 दिसंबर से शुरू होने वाला कलिंग लिटरेरी फेस्टिवल पिछले साल कोरोनावायरस के कारण नहीं हो सका था. इस साहित्योत्सव में साहित्य, सिनेमा, मीडिया, खेल और राजनीति जगत से जुड़े 300 स्पीकर हिस्सा ले रहे हैं.

ओमीक्रॉन का खतरा, विपक्ष का प्रदर्शन, मन की बात- इस हफ्ते उर्दू प्रेस ने किन खबरों को दी अहमियत

दिप्रिंट अपने इस राउंड अप में बता रहा है कि पूरे हफ्ते के दौरान उर्दू मीडिया ने विभिन्न खबरों को कैसे कवर किया और उनमें से किस घटना को संपादकीय में जगह दी.

कृषि कानून रद्द, तृणमूल का धरना, सीएए और अनुच्छेद 370 —कौन-सी घटनाएं इस सप्ताह उर्दू प्रेस की सुर्ख़ियों में रहींं

दिप्रिंट अपने इस राउंड अप में बता रहा है कि पूरे हफ्ते के दौरान उर्दू मीडिया ने विभिन्न खबरों को कैसे कवर किया और उनमें से किस घटना को संपादकीय में जगह दी.

दिल्ली में चमकदार नीले गुंबद वाला ये मुगलकालीन स्मारक लोगों को कर रहा है आकर्षित

निजामुद्दीन इलाके के पास मथुरा रोड और लोधी रोड के व्यस्त जंक्शन पर स्थित ये स्मारक बस एक झलक भर दिखा करता था. रोचक बात ये है कि सब्ज़ बुर्ज, जिसका अर्थ है हरा गुंबद, वास्तव में नीला है.

‘तीसरी लहर से पहले किसी से भी शादी कर लो’- छोटे शहरों में ऐसे निपटायी जा रही हैं धूम-धड़ाके से होने वाली शादियां

वाराणसी, उत्तर प्रदेश में बैंड-बाजा-बारात की वापसी तो हो गई है, लेकिन होटल के बजाय सजे-सजाए लॉन और छोटी होती मेहमानों की सूची के साथ.

त्रिपुरा, नवाब मलिक, नोटबंदी-इस हफ़्ते देश के उर्दू प्रेस में कौन से मुद्दे सुर्ख़ियों में रहे

दिप्रिंट अपने इस राउंड अप में बता रहा है कि पूरे हफ्ते के दौरान उर्दू मीडिया ने विभिन्न खबरों को कैसे कवर किया और उनमें से किस घटना को संपादकीय में जगह दी.

मत-विमत

AI समिट पर घिरी मोदी सरकार को यूथ कांग्रेस के विरोध से मिला राहत का मौका

रणनीतिक तौर पर, बिना शर्ट वाला यह प्रदर्शन आत्मघाती गोल से भी बुरा था. अचानक, AI समिट की सारी गड़बड़ियां भूला दी गईं और यूथ कांग्रेस का विरोध ही मुद्दा बन गया.

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राजनीति

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एआईएमए ने विनीत जैन को मीडिया में योगदान के लिए सम्मानित किया

नयी दिल्ली, 22 फरवरी (भाषा) देश के प्रतिष्ठित मीडिया समूह ‘बेनेट, कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड’ (द टाइम्स ग्रुप) के प्रबंध निदेशक विनीत जैन को...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.