इन 4 प्रेरक लड़कियों की कहानियों से प्रेरित होकर ग्रामीण पंजाब और हरियाणा की लड़कियां समाज में बदलाव लाने की आकांक्षा के साथ शिक्षित होने के लिए आगे आ रही हैं.
दिप्रिंट का इस बारे में राउंड-अप कि कैसे उर्दू मीडिया ने पिछले सप्ताह के दौरान विभिन्न समाचार संबंधी घटनाओं को कवर किया और उनमें से कुछ पर उनके संपादकीय में क्या रुख अख्तियार किए गए.
जी-5 पर रिलीज हुई इस फिल्म के गाने बहुत कमजोर लिखे गए और उनकी धुनें भी उतनी ही कमजोर बनाई गईं. सच तो यह है कि सुभाष घई ने यह फिल्म बना कर खुद अपने ही नाम पर बट्टा लगाया है.
कश्मीर पर असंख्य किताबें लिखी गईं लेकिन उनमें मौजूदा कश्मीर मौजूद नहीं था. वहां के लोगों की बात नहीं थी, आवाम की परेशानियों और मानवाधिकारों के हनन के इतने किस्से मौजूद नहीं थी. इस मायने में रोहिण कुमार की 'लाल चौक' काफी खास और अहमियत रखती है.
इन लड़कियों ने सामाजिक बंधनों को तो़कर उससे ऊपर उठकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाई और अब अपने आस-पास के गांव की लड़कियों के लिए भी शिक्षा की राह आसान कर रही हैं.
नयी दिल्ली/कोलकाता, 11 अप्रैल (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री...