फिल्म का अंत सुखद है लेकिन सवाल छोड़ जाता है कि अपनी समलैंगिकता का खुल कर प्रदर्शन करने वाले ये किरदार क्या फिल्म खत्म होने के बाद उस समाज, शहर में खुल कर जी पाए?
लता मंगेशकर दरअसल में हिंदुस्तान की ज़ुबान है उसी का प्रतीक, जिनके होने से इस बात को आस्वस्ति मिलती थी कि हम अपने गहरे दुःख और गहरे आनंद के पलो में उनके साथ कोई साझा पल अपने लिए बटोरते थे, सहेजते थे.
भारतीय संगीत आज जिस मुकाम पर है उसे वो सफलता और वैभव दिलाने में लता मंगेशकर का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. उनका जाना संगीत की दुनिया से एक महत्वपूर्ण सितारे का टूटना है.
1939 में बाबा ने एक नाटक ‘भाव बंधन’ में लतिका की भूमिका अभिनीत की थी. वह उस चरित्र से बेहद प्रभावित हुए और तभी उन्होंने मेरा नया नामकरण ‘लता’ कर दिया था. इसके पहले मैं हृदया नाम से जानी जाती थी.
त्रिपुरदमन सिंह की नई किताब 'वो सोलह दिन' भारतीय संविधान के प्रथम संशोधन की कहानी है. संसदीय बहसों और विरोध के बीच जून 1951 में पहला संविधान संशोधन किया गया.
नेहा सिंह राठौड़ ‘UP में क्या बा?’ के साथ अचानक प्रसिद्धि पा गईं, जिसमें योगी आदित्यनाथ सरकार की आलोचना की गई है. संगीत के अपने अनोखे सफर के बारे में उन्होंने दिप्रिंट के साथ बात की.
यह समझने के लिए कि 1971 को भारत की संसदीय सीटों का आधार क्यों बनाया गया, 1960 के दशक के उस माल्थसवादी डर को फिर से देखना होगा, जो विकास से जुड़ी सोच पर हावी था.
नयी दिल्ली, 22 जनवरी (भाषा) केंद्र सरकार ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)-कानपुर में छात्रों द्वारा आत्महत्या करने की घटनाओं की समीक्षा करने और...