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Sunday, 22 February, 2026
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धनबल, RSS की मदद और उसका समर्पित कैडर: UP में BJP की जीत पर उर्दू प्रेस ने क्या कहा

दिप्रिंट अपने राउंडअप में बता रहा है कि इस सप्ताह उर्दू मीडिया ने देश-दुनिया की विभिन्न घटनाओं को कैसे कवर किया और उनमें से कुछ पर उनका संपादकीय रुख क्या रहा.

उर्दू अखबारों में छाईं रूस-यूक्रेन जंग की खबरें और भारतीयों के निकासी अभियान में ‘देरी’ के लिए मोदी की आलोचना

दिप्रिंट अपने राउंडअप में बता रहा है कि इस सप्ताह उर्दू मीडिया ने देश-दुनिया की विभिन्न घटनाओं को कैसे कवर किया और उनमें से कुछ पर उनका संपादकीय रुख क्या रहा.

पुतिन ने दुनिया के खिलाफ छेड़ी जंग और एक मर्डर से हिजाब विवाद और गहराया- इस हफ्ते उर्दू प्रेस की झलकियां

दिप्रिंट अपने राउंड-अप में बता रहा है कि उर्दू मीडिया ने इस हफ्ते की घटनाओं को कैसे कवर किया और उनमें से कुछ पर उनका संपादकीय रुख क्या रहा.

‘बिना-मुद्दे’ का सियासी मुद्दा बन जाना त्रासद- हिजाब विवाद पर इस हफ्ते क्या रही उर्दू प्रेस की राय

दिप्रिंट का राउंड-अप बता रहा है कि उर्दू मीडिया ने इस हफ्ते विभिन्न न्यूज इवेंट को कैसे कवर किया और उन पर कुछ का संपादकीय रुख क्या रहा.

डिस्को संगीत के लिए मशहूर गायक-संगीतकार बप्पी लाहिड़ी का निधन

बप्पी लाहिड़ी ने 80 और 90 के दशक में डिस्को संगीत को लोकप्रिय बनाया.

समलैंगिकता पर संभल कर बात करती है ‘बधाई दो’

फिल्म का अंत सुखद है लेकिन सवाल छोड़ जाता है कि अपनी समलैंगिकता का खुल कर प्रदर्शन करने वाले ये किरदार क्या फिल्म खत्म होने के बाद उस समाज, शहर में खुल कर जी पाए?

मुसलमानों के खिलाफ ‘हेट कैंपेन’-उर्दू मीडिया में इस हफ्ते कर्नाटक हिजाब विवाद छाया रहा

दिप्रिंट अपने राउंड-अप में बता रहा है कि इस हफ्ते उर्दू मीडिया ने विभिन्न घटनाओं को कैसे कवर किया और कुछ खबरों पर उसका संपादकीय रुख क्या रहा.

मेल डोमिनेटिंग मुंबई फिल्म इंडस्ट्री सोसाइटी में हस्तक्षेप, योगदान, कर्मठता और बहादुरी की मिसाल थी लता मंगेशकर

लता मंगेशकर दरअसल में हिंदुस्तान की ज़ुबान है उसी का प्रतीक, जिनके होने से इस बात को आस्वस्ति मिलती थी कि हम अपने गहरे दुःख और गहरे आनंद के पलो में उनके साथ कोई साझा पल अपने लिए बटोरते थे, सहेजते थे.

‘मेरी आवाज़ ही पहचान है’: लता मंगेशकर के गीतों में प्रेम रस, वेदना और जीवन के तमाम अनुभवों का संसार था

भारतीय संगीत आज जिस मुकाम पर है उसे वो सफलता और वैभव दिलाने में लता मंगेशकर का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. उनका जाना संगीत की दुनिया से एक महत्वपूर्ण सितारे का टूटना है.

लता मंगेशकर के जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें और उनकी संगीतमय दुनिया

1939 में बाबा ने एक नाटक ‘भाव बंधन’ में लतिका की भूमिका अभिनीत की थी. वह उस चरित्र से बेहद प्रभावित हुए और तभी उन्होंने मेरा नया नामकरण ‘लता’ कर दिया था. इसके पहले मैं हृदया नाम से जानी जाती थी.

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सरकार बताए हमारी एनएसजी सुरक्षा क्‍यों हटाई गई : अखिलेश यादव

लखनऊ, 21 फरवरी (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.