‘जेल डायरी’ के पन्नों से हमें पता चलता है कि भगतसिंहजी गुरुनानक देव महाराजजी, गुरु गोविंदसिंहजी, समर्थ गुरु रामदासजी, रवींद्रनाथ टैगोरजी, विलियम वर्ड्सवर्थजी, मार्क्स, एंजेल्स, बुखारिन लेनिन, बर्टेड रसेल आदि के जीवन एवं विचारों से प्रभावित थे.
कश्मीरी विस्थापित दादा और दिल्ली में पढ़ रहे पोते को रूपक की तरह इस्तेमाल करते हुए फिल्मकार असल में हमें पुरानी और नई पीढ़ी के सच से भी रूबरू कराते हैं.
दिप्रिंट अपने राउंडअप में बता रहा है कि इस सप्ताह उर्दू मीडिया ने देश-दुनिया की विभिन्न घटनाओं को कैसे कवर किया और उनमें से कुछ पर उनका संपादकीय रुख क्या रहा.
दिप्रिंट अपने राउंडअप में बता रहा है कि इस सप्ताह उर्दू मीडिया ने देश-दुनिया की विभिन्न घटनाओं को कैसे कवर किया और उनमें से कुछ पर उनका संपादकीय रुख क्या रहा.
फिल्म का अंत सुखद है लेकिन सवाल छोड़ जाता है कि अपनी समलैंगिकता का खुल कर प्रदर्शन करने वाले ये किरदार क्या फिल्म खत्म होने के बाद उस समाज, शहर में खुल कर जी पाए?
कोझिकोड(केरल), 25 मार्च (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को आरोप लगाया कि केरल सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और केंद्र में सत्तारूढ़...