scorecardresearch
Thursday, 5 March, 2026
होमसमाज-संस्कृति

समाज-संस्कृति

शोहरत, संघर्ष और अब तिहाड़ जेल—बॉलीवुड के कॉमिक स्टार राजपाल यादव

15 साल पुराने चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को जेल हुई है. अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए लिए गए लोन का भुगतान न करने पर उन्हें दोषी ठहराया गया है.

योगी के आदेश पर FIR होने के बाद नेटफ्लिक्स ने ‘घूसखोर पंडत’ का टीजर हटाया

नेटफ्लिक्स फिल्म के टाइटल ने कई ग्रुप्स में गुस्सा पैदा कर दिया है, और कई संतों ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर उनसे इस मामले को देखने की गुजारिश की है.

रियलिटी टीवी शो से लेकर रोमांस की आवाज बनने तक: अरिजीत सिंह की कहानी बॉलीवुड फिल्म जैसी है

एकतरफ़ा प्यार के एंथम 'चन्ना मेरेया' से लेकर, बेफिक्र ज़िंदगी की निशानी 'इलाही' और 'तुम ही हो' जैसे गानों के लिए मशहूर अरिजीत सिंह ने बॉलीवुड म्यूज़िक को एक नई पहचान दी है.

इंडियन आइडल विजेता प्रशांत तामांग का निधन: ममता बनर्जी ने बताया ‘राष्ट्रीय ख्याति के कलाकार’

दार्जिलिंग के रहने वाले इंडियन आइडल सीज़न 3 के विनर ने पाताल लोक सीज़न 2 में काम किया था, और उम्मीद थी कि वह सलमान खान की आने वाली फिल्म 'बैटल ऑफ़ गलवान' में भी नज़र आएंगे.

एक कैप्टन, एक लड़की और एक ऐसा प्यार जो सिर्फ याद बनकर रह गया

झालावाड़ के एक छोटे से कस्बे में छुट्टियां, क्रिकेट, हेलिकॉप्टर की गूंज और एक आर्मी कैप्टन—सीमा कपूर की आत्मकथा ‘यूं गुज़री है अब तलक’ से इश्क, मासूमियत और टूटे दिल की कहानी.

‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ का सर्वोत्तम उदाहरण है दिल्ली: सीएम रेखा गुप्ता

दिल्ली शब्दोत्सव 2026 का आयोजन 2 से 4 जनवरी तक नेशनल स्टेडियम में किया जा रहा है. यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक, साहित्यिक और वैचारिक चेतना को प्रमुखता से प्रस्तुत करता है.

हिजाब के नाम पर नियंत्रण या औरत के चयन की आज़ादी—ढाका से उठते सवाल

भारत और बांग्लादेश के सामाजिक अनुभवों के सहारे यह किताब बताती है कि मज़हब और राजनीति के बीच पिसती इंसानियत का सबसे बड़ा बोझ औरत उठाती है.

ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित हिंदी लेखक विनोद कुमार शुक्ल का निधन, रायपुर में ली आखिरी सांस

विनोद कुमार शुक्ल एक प्रसिद्ध साहित्यकार थे. उन्होंने ‘नौकर की कमीज’, ‘खिलेगा तो देखेंगे’, ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’ और ‘एक चुप्पी जगह’ जैसे चर्चित उपन्यास लिखे.

धर्मेंद्र-सनी-बॉबी: हिंदी सिनेमा की वह कामयाब पिता-पुत्र तिकड़ी, जिसकी कहानी अधूरी ही रह गई

जब धर्मेंद्र ने ‘अपने’ और ‘यमला पगला दीवाना’ फ्रेंचाइज़ में अपने बेटों के साथ स्क्रीन शेयर की, नतीजा था दर्शकों का पसंदीदा देओल जादू.

तख़्त हज़ारा: रांझा की ज़िदगी में वह मोड़ कब आया जब उसने हीर की तलाश में सब कुछ छोड़ दिया?

महिलाओं की बातें सुन कर धीदो को पहली बार हीर सयाल के बारे में जानकारी मिली. उसने उसके बारे में सुना तो था, लेकिन सोचा भी नहीं था कि कभी उसे देखने का मौका भी मिलेगा. उसने मन ही मन सोचा कि यह नाव हीर के गांव ही जा रही है.

मत-विमत

वीडियो

राजनीति

देश

राजस्थान : नागौर और मेड़ता जिला अदालत को मिली बम से उड़ाने की धमकी

जयपुर, पांच मार्च (भाषा) राजस्थान में नागौर और मेड़ता जिला अदालत को बृहस्पतिवार को बम से उड़ाने की धमकी मिली। पुलिस ने यह जानकारी...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.