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Monday, 27 April, 2026
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झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों की खींचतान

विपक्षी दल साझा रैली-प्रदर्शन करने के बजाय अलग-अलग शक्ति प्रदर्शन में लगे हुए हैं ताकि जब सीटों के तालमेल की बातचीत हो तो अधिक से अधिक सीटों पर अपनी दावेदारी पेश कर सकें.

कैसे हुआ केजरीवाल का कायापलट, साबित हो सकते हैं लंबी रेस के घोड़े

केजरीवाल ने मोदी से जंग से फिलहाल पूरी तरह किनारा कर लिया है. वे किसी राष्ट्रीय मुद्दे पर चुनाव नहीं लड़ना चाहते. वे नहीं चाहते कि दिल्ली के मतदाता फरवरी में जब वोट डालने जाएं तब उनके मन में यह दुविधा हो कि मोदी के पक्ष में वोट दें या उनके पक्ष में.

मंदी से निपटने के लिए सरकार को मनमोहन सिंह से सलाह क्यों लेनी चाहिए

सरकार जब महात्मा गांधी और सरदार पटेल जैसे कांग्रेसी नेताओं का राजनीतिक इस्तेमाल कर सकती है तो मंदी से निपटने के लिए मनमोहन सिंह जैसे अर्थशास्त्री के अनुभव का लाभ उठाने में क्या बुराई है?

7 तरीके जिनसे इमरान के अमेरिकी दौरे को उनके समर्थकों ने कामयाब साबित किया

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के लोगों का दावा कि भारतीय मुसलमानों से लेकर रानी मुखर्जी और अमेरिकी सीनेटर तक तमाम लोगों पर कैसे छा गए उनके वजीरे आज़म इमरान खान.

कश्मीर से 370 हटाकर आखिर क्या हासिल हुआ, जब कश्मीरी ही साथ न हुए

एकीकरण में कश्मीरी कहां हैं? क्या आज वे भारत के साथ पहले से ज्यादा जुड़ाव महसूस करते हैं, या उनमें अलगाव की भावना पहले से ज्यादा व्यापक और प्रबल हो गई है?

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद के सीधे प्रसारण की उम्मीद धूमिल

क्या अब अनुच्छेद 370 खत्म करने के मामले की सुनवाई के सीधा प्रसारण की उम्मीद की जाये?

रोहित शर्मा का शतक कैसे बदलेगा भारतीय टीम की तस्वीर

शर्मा की फॉर्म अगर बरकरार रही तो निश्चित तौर पर टेस्ट चैंपियनशिप की प्वाइंट टेबल में टीम इंडिया टॉप पर कायम रहेगी.

शौचालय निर्माण की अफरा-तफरी में हुई इस गंभीर चूक का नतीजा भयावह हो सकता है

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर स्वच्छता मिशन की कामयाबी का आंकड़ा जो भी हो, लेकिन जमीनी हकीकत गंभीर खामी की ओर इशारा कर रही है.

गांधी का हिंद स्वराज, सावरकर के हिंदू राष्ट्र से अलग कैसे है

सावरकर के हिंदुत्व की जड़ें उस वर्चस्ववाद में हैं, जो द्विज हिंदू सामाजिक दर्शन के आधार मनुस्मृति में दर्ज़ है, या फिर नीत्शे के सामाजिक डार्विनवाद में, जो योग्य लोगों को सुपरमैन बनाना चाहता है.

गांधी किसी मूर्ति और कंठी-माला का नहीं अन्याय की पहचान और प्रतिरोध का नाम है

गांधी के कर्म और चिन्तन को अगर आगे के वक्तों के लिए जिन्दा रहना है तो फिर ये काम उनके पदचिन्हों से अपने कदम मिलाकर चलने वाले अनुयायियों से नहीं बल्कि गांधी को अपने युग की मांग के हिसाब से बरतने वाले ‘कुजात’ गांधीवादियों से ही हो सकता है.

मत-विमत

ईरान युद्ध ने भारत के लिए अगले युद्ध का खाका पेश कर दिया है

पाकिस्तान हम पर 'ईरान जैसा' हमला करने के लिए बेताब होगा, और चीन हमें 'असममित विस्तार' का मौका दिए बिना ही एक हवाई अभियान को अंजाम देने की योजना बना रहा होगा. भारत के पास खुद को बदलने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है.

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कुशीनगर में खेत में युवक का शव मिला, परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया

कुशीनगर (उप्र), 27 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के चौराखास थाना क्षेत्र के सरैया महंथ पट्टी गांव में सोमवार सुबह एक...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.