नेताओं की हत्या और भारी बमबारी, चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, हार और आत्मसमर्पण करवाने के लिए काफी नहीं हो सकती. इसके लिए लंबा और बहुत कठिन युद्ध लड़ना पड़ सकता है.
आर्थिक वृद्धि धीमी ज़रूर हुई है, लेकिन गिरी नहीं है, इसलिए बाज़ार ने जल्दी निष्कर्ष निकाल लिया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था इस झटके को झेल चुकी है. यह निष्कर्ष जल्दबाजी है.
एक पक्ष सोचता है कि आज भारत अपनी हैसियत से ज्यादा आगे बढ़कर कदम उठा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष सोचता है कि मोदी ने भारत की हैसियत कमजोर कर दी है और भारत अपनी हैसियत से कम कदम उठा रहा है. सच यह है कि दोनों ही गलत हैं.
कई मुस्लिम समुदाय, चाहे शिया हों या सुन्नी, अक्सर इस पर धार्मिक नज़रिए से प्रतिक्रिया देते हैं. यह नज़रिया आगे चलकर कबीलाई सोच में बदल जाता है, जो उम्माह जैसी धारणाओं से बनती है.
भारतीय नौसेना हमेशा से भारत की राजनीतिक सीमाओं से परे, राष्ट्रीय कूटनीतिक और अन्य संपर्क प्रयासों को समर्थन देने में सबसे आगे रही है. अब आगे बढ़कर ज़िम्मेदारी उठाने का समय आ गया है.
CAPF में हर स्तर पर पहले से ही पदोन्नति की रुकावट रहती है. ऐसे में अगर सबसे ऊपर का पद बाहर से आए किसी आईपीएस अधिकारी को दे दिया जाए, तो नीचे के अफसरों की तरक्की लगभग रुक जाती है.