scorecardresearch
Saturday, 17 January, 2026
होम2019 लोकसभा चुनाव

2019 लोकसभा चुनाव

लालू की सारण और रामविलास की हाजीपुर सीट पर सियासी विरासत की लगेगी मुहर

लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में यूं तो बिहार की पांच लोकसभा सीटों पर मतदान होना है, मगर पूरे देश की नजर सारण और हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र पर होगी.

इधर अखिलेश साध रहे थे कांग्रेस पर निशाना, उधर प्रियंका ने समाजवादियों संग स्टेज साझा कर लिया

रायबरेली के ऊंचाहार में सपा के एक कार्यक्रम में प्रियंका गांधी के पहुंचने से सपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता हैरान रह गए.सपा विधायक मनोज पांडेय ने एक कार्यक्रम का मुख्य अतिथि प्रियंका को बनाया था.

भाजपा के लिए मौके पर चौका लगाने जैसा है मसूद अजहर का मुद्दा

भाजपा विदेशों में भारत की बढती साख के उदाहरण के रुप में मसूद अजहर के फैसले को पेश कर रही है. पार्टी का कहना है कि मोदी ने जो अमेरिका, फ्रांस जैसे सुरक्षा परिषद के सदस्यों से मजबूत संबंध स्थापित किए है.

प्रियंका बोलीं- भाजपा को फायदा पहुंचाने से पहले मरना पसंद करूंगी

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी गुरुवार को मां सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में समाजवादी पार्टी के विधायक मनोज पांडेय द्वारा कांग्रेस के समर्थन में आयोजित जनसभा में हिस्सा लिया.

कांग्रेस का मोदी सरकार पर हमला- हमने कई सर्जिकल स्ट्राइक किए पर इसके नाम पर वोट नहीं मांगा

मनमोहन सिंह ने कहा, 'पिछले 70 सालों में ऐसी कोई सरकार नहीं हुई जिसे सेना के शौर्य के पीछे छुपना पड़े. हमारी सेना के राजनीतीकरण के ऐसे प्रयास शर्मनाक हैं.'

राहुल-स्मृति के मुकाबले की चकाचौंध में दबे अमेठी के असल मुद्दे, ग्रामीण करेंगे चुनाव का बहिष्कार

अमेठी लोकसभा सीट के कैलाश पुर और भिखारीपुर गांव में सड़क का हाल खराब होने से ग्रामीण पोस्टर लगाकर वोटिंग का कर रहे हैं बहिष्कार.

सिद्धू ने सिद्ध कर दिया है कि राजनीति यदि बदजुबानी की पाठशाला है तो वो उसके नंबर 1 छात्र

नवजोत सिंह सिद्धू बदजुबान तो पहले से ही थे, वे अब पूरी तरह बेलगाम भी हो चुके हैं. वे कांग्रेस के पक्ष में वोट मांगने के नाम पर समाज को तोड़ रहे हैं.

इस बार डेरा सच्चा सौदा लगाएगा किसका बेड़ा पार?

बिहार के मधेपुरा की रेवती बताती हैं, 'पिताजी जिसको आशीर्वाद दे देते हैं वही जीतता है. पिछली बार मोदी को आशीर्वाद दिया था तो वही जीते थे.’

जब दिल्ली ने लोकसभा भेजा था एक मलयाली गांधी को

दिल्ली 67 साल पहले 1952 में देश की पहली लोकसभा के लिए एक मलयाली को बाहरी दिल्ली यानी ग्रामीण दिल्ली सीट से ससम्मान भाव से निर्वाचित कर रही थी. क्या ये कोई छोटी बात है?

भाजपा को देश के लिए खतरा मानना और चुनाव में नोटा चुनने में कोई विरोधाभास नहीं

विकल्प के सामने होने तक ‘ना’ कहने का एक सीमित और एकदम आखिर में अपनाया जाने वाला उपाय है नोटा.

मत-विमत

वीडियो

राजनीति

देश

चंदौली में पिकअप वाहन ने मोटरसाइकिल सवार दंपति को मारी टक्कर, दोनों की मौत

चंदौली (उप्र), 16 जनवरी (भाषा) चंदौली जिले के बबुरी थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने मोटरसाइकिल सवार दंपति को जोरदार...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.