Thursday, 2 February, 2023
होम2019 लोकसभा चुनावकांग्रेस का मोदी सरकार पर हमला- हमने कई सर्जिकल स्ट्राइक किए पर इसके नाम पर वोट नहीं मांगा

कांग्रेस का मोदी सरकार पर हमला- हमने कई सर्जिकल स्ट्राइक किए पर इसके नाम पर वोट नहीं मांगा

मनमोहन सिंह ने कहा, 'पिछले 70 सालों में ऐसी कोई सरकार नहीं हुई जिसे सेना के शौर्य के पीछे छुपना पड़े. हमारी सेना के राजनीतीकरण के ऐसे प्रयास शर्मनाक हैं.'

Text Size:

नई दिल्ली: 2019 के आम चुनाव में सर्जिकल स्ट्राइक का मुद्दा छाया हुआ है. कांग्रेस के राजीव शुक्ला ने वीरवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दावा किया है कि यूनाइटेड प्रोग्रेसिव अलायंस (यूपीए) के 10 साल के कार्यकाल में छह सर्जिकल स्ट्राइक किए गए थे. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) पर हमला करते हुए शुक्ला ने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान सर्जिकल स्ट्राइक का इस्तेमाल वोट मांगने के लिए नहीं किया गया. शुक्ला की ये प्रेस कॉन्फ्रेंस वित्तमंत्री अरुण जेटली की उस प्रेस कॉन्फ्रेंस के जवाब में हुई जिसमें वित्तमंत्री ने यूपीए के दौरान किए जा रहे सर्जिकल स्ट्राइक के दावे को अदृश्य सर्जिकल स्ट्राइक बताया था.

पाकिस्तानी आतंकी मसूद अज़हर को वैश्विक आतंकी घोषित किए जाने से जुड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस में जेटली ने कहा, ‘जब देश जीतता है तो हर भारतवासी जीतता है. लेकिन दुर्भाग्य इस बात का है कि विपक्ष के मित्रों को लगता है कि इस जीत में वो अगर शामिल हो गए तो इसकी राजनीतिक कीमत उन्हें देनी पड़ेगी.’


यह भी पढ़ेंः हमारे सातों एमपी केंद्र में बैठे तो मोदी की हिम्मत नहीं होगी दिल्ली का काम रोक देंः केजरीवाल


इसके बाद जेटली ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह द्वारा किए गए दावे पर हमला करते हुए कहा, ‘यही कारण है कि सर्जिकल स्ट्राइक्स के बारे में वो कहते हैं कि Invisible (अदृश्य) सर्जिकल स्ट्राइक्स हमने भी की थी. जब बालाकोट एयर स्ट्राइक में हम सफल हुए थे तो उस पर वो संदेह करने लगते हैं.’

दरअसल, हिंदुस्तान टाइम्स को बुधवार को दिए गए एक साक्षात्कार में पूर्व पीएम सिंह ने दावा किया कि उनके कार्यकाल में भी कई सर्जिकल स्ट्राइक किए गए थे. उनके लिए ये सैन्य कार्रवाई रणनीतिक अवरोध और देश विरोधी ताकतों को जवाब देने का हिस्सा थीं. इसी के साथ सिंह ने ये भी कहा कि उनके दौर में कभी भी सेना का इस्तेमाल वोट मांगने के लिए नहीं किया गया.

अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक

दिप्रिंट आपके लिए ले कर आता है कहानियां जो आपको पढ़नी चाहिए, वो भी वहां से जहां वे हो रही हैं

हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें.

अभी सब्सक्राइब करें

जेटली ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में संभावित तौर पर मनमोहन सिंह के इन्हीं बयानों पर निशाना साधा था. जेटली के निशाने पर पलटवार करते हुए कांग्रेस ने राजीव शुक्ला को आगे किया. शुक्ला ने अपनी सरकार की उपलब्धि गिनाते हुए कहा, ‘इससे (अज़हर) से बड़ा आतंकी हाफिज़ सईद है और उसे कांग्रेस की सरकार ने ग्लोबल आतंकी घोषित करवाया था.’ इसके अलावा शुक्ला ने ज़कीउर रहमान लखवी, हाजी मोहम्मद अशरफ, मुहम्मद अहमद वहजी जैसे अन्य नाम गिनाए और कहा कि इन्हें कांग्रेस की सरकार में ग्लोबल आतंकी घोषित कराया गया था.

इसके बाद शुक्ला ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि जो मसूद अज़हर हमारे कब्ज़े में था उसे भाजपा सरकार में छोड़ा गया था. इस दौरान कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी शर्मा ने महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में हुए नक्सली हमले में शहीद हुए जवानों का भी मुद्दा उठाया. शर्मा ने इसे सरकार की नाकामी करार दिया. इन हमलों को लेकर कांग्रेस ने महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस की इस्तीफे तक की मांग की.


यह भी पढ़ेंः पाटलिपुत्र सीट का हिसाब- मोदी लगाएंगे ‘राम’ का बेड़ा पार या वामपंथी वोटों से जीतेंगी लालू की बेटी?


शुक्ला ने आगे कहा, ‘हमने अबू ज़िंदाल और डेविड हेडली को भी पकड़ा. लेकिन मनमोहन सरकार ने कभी इसके नाम पर वोट नहीं मांगे.’ आपको बता दें कि बुधवार को दिए गए साक्षात्कार में मनमोहन सिंह ने कहा कि सेना का हाथ हमेशा से खुला था. वो आगे कहते हैं कि उनके दौर में भी कई सर्जिकल स्ट्राइक हुए थे. इस दौरान मोदी सरकार पर हमला करते हुए सिंह ने कहा कि पिछले 70 सालों में ऐसी कोई सरकार नहीं जिसे सेना के शौर्य के पीछे छुपना पड़े. वो कहते हैं, ‘हमारी सेना के राजनीतीकरण के ऐसे प्रयास शर्मनाक हैं और इन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता.’

मनमोहन सिंह का पूरा साक्षात्कार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

share & View comments